हापुड़, सीमन/अशोक तोमर (ehapurnews.com) : वट वृक्ष पूजा अमावस्या सोमवार के दिन महिलाओं ने पति की दीर्घ आयु, परिवार में सुख शांति तथा परिवार की उन्नति के लिए व्रत रख कर वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की और वट वृक्ष की परिक्रमा की।
पौराणिक मान्यता है कि ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को सावित्री ने सत्यवान के प्राण बचाए थे, इसलिए महिलाएं इस दिन व्रत रख कर वट वृक्ष की पूजा करती हैं और पति की दीर्घ आयु की कामना करती है।
वट वृक्ष पूजा अमावस्या के दिन सोमवार की भोर में महिलाओं ने स्नान किया और फिर पूजा सामग्री के साथ हापुड़ के श्री मंशादेवी मंदिर पहुंची। महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की और सूती धागे से वट वृक्ष से लपेटे हुए वृक्ष की परिक्रमा की। महिलाओं ने पति की दीर्घ आयु, परिवार की उन्नति तथा सुख शांति की कामना की।
महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा-अर्चना कर भारतीय व सनातन संस्कृति में अपनी अटूट आस्था व्यक्त की और संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षों की पूजा की जाए। स्वार्थ के लिए पेड़ों को न काटा जाए।
































