हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ नगर पालिका परिषद स्वच्छता सर्वेक्षण 2023-24 की रैंकिंग में फिसड्डी हुई है जिसने सर्वेक्षण में 36 वां स्थान हासिल किया है जबकि 2022-23 की बात करें तो हापुड़ नगर पालिका परिषद 19वें पायदान पर था जो कि अब खिसक कर 36वें पायदान पर आ गया है। नगर पालिका वैसे तो साफ-सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए बहा रही है लेकिन इसके बावजूद भी रैंकिंग का गिरना कई सवाल उठाता है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी का कहना है कि स्वच्छता सर्वेक्षण 24-25 में रैंकिंग सुधारने का प्रयास किया जाएगा। यदि वर्तमान की बात करें तो कई कारण है जिसकी वजह से नगर पालिका फिसड्डी हुई है। जैसे:
गैर जिम्मेदारों को जिम्मेदारी सौंपना:
नगर पालिका परिषद हापुड़ की अध्यक्ष पुष्पा देवी हैं लेकिन उसके बावजूद भी ऐसा प्रतीत होता है कि हापुड़ नगर पालिका परिषद की जिम्मेदारी कुछ ऐसे लोग संभाल रहे हैं जिनका नगर पालिका से प्रत्यक्ष रूप से कोई वास्ता नहीं है।
करोड़ों खर्च करने पर भी गिरी रैंकिंग:
नगर पालिका परिषद द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर शहर की साफ-सफाई आदि का दावा किया जा रहा है लेकिन नालों की समय पर सफाई नहीं होती जिसकी वजह से लोग मजबूरन गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। हापुड़ की गढ़ रोड पर सरकारी अस्पताल के आसपास भी नाले का पानी सड़क पर आ चुका है जो कि इस लापरवाही का सीधा-सीधा उदाहरण है। इसके अलावा और भी कई बिंदुओं के कारण नगर पालिका की रैंक गिरी है।
समय पर नहीं होती सफाई:
हापुड़ में कई स्थान ऐसे हैं जहां नगर निकाय द्वारा समय पर सफाई नहीं होती। यदि आधिकारी और जिम्मेदार दफ्तर से बाहर निकलें तो जमीनी हकीकत से रूबरू होंगे।
करोड़ों का घोटाला:
करोड़ों रुपए प्रतिमाह नगर पालिका सफाई व्यवस्था पर खर्च करती है जिसका ठेका पिछले बीस वर्षों से साहुल बौथ कम्पनी को दिया है।
अब नगर के हालात ये है कि सफाई कर्मचारी सड़कों पर यदा-कदा ही दिखाई देते है। सफाई कर्मचारियों की आड़ में नगर पालिका हापुड़ में भारी घोटाला है जिसका भौतिक सत्यापन जरुरी है।
NEW YEAR OFFER: एस. ए. इंटरनेशनल स्कूल में एडमिशन पर 40% की छूट: 9258003065



























