हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : हिन्दी साहित्य परिषद् के तत्वावधान में वरिष्ठ कवि प्रेम निर्मल द्वारा निकलेगा दिनमान काव्य संकलन का विमोचन समारोह के अवसर पर एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि डा. पुष्पा गर्ग ने पढ़ा- बुरे वक्त की मार झेलना हम सबकी मजबूरी है।
निकलेगा दिनमान के संपादक वरिष्ठ कवि प्रेम निर्मल ने पढ़ा- कोई कितना ऐठले, अधियारों का तान। अंधियारों को चीरकर, निकलेगा दिनमान।। टला नहीं खतरा अभी, निर्मल रहो सतर्क। कब टूटे किस पर कहां, कोरोना की बर्क।।
शायर फसीह चौधरी ने पढ़ा- चल फसीह उन वादियों में जिसमें बस कोई न हो। तू हो तेरा रब हो उनमें वायरस कोई न हो।।
डा. अशोक मैत्रेय ने पढ़ा- बंद हुई है खिड़कियां, बंद हुए हैं द्वार। घुटन न भरे माहौल में, जीना है दुश्वार।।
संचालन करते हुए डा. अनिल वाजपेयी ने पढ़ा- रखते हैं जो सदा ही, दो नावों में पांव। अनिल उन्हें मिलती नहीं, कहीं जगत में ठांव।।
कवि मधुर जी ने पढ़ा- घर पर रहकर ही करो, कोरोना पर वार। इससे बचने के लिए, हाथ धोए दस बार।।
डा.आराधना वाजपेयी ने पढ़ा- राधा हरी की शक्ति है, हरी राधा के प्राण। राधे-राधे जो जपे, हो सदैव कल्याण।।
कवि गंगा शरण शर्मा , पं. शिवप्रकाश शर्मा, कवि लक्ष्मण यति, अवनीत सिंह, समर्थ, सुभाष, पायल, डा. नरेश सागर, पूनम अग्रवाल, मनीषा गुप्ता, शायरा शहवार, डा. पूनम ग्रोवर, उमेश शर्मा, विजय विकास, कमलेश ने भी कविता पाठ किया। समारोह में नगर के गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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