हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : उत्तर प्रदेश में इन दिनों बुलडोजर बाबा की धूम मची है और हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण भी बाबा का बुलडोजर चला रहा है, तो अवैध निर्माण को सील कर रहा है। प्राधिकरण की यह कार्रवाई अनेक प्रश्न चिंह खड़े कर रही है जिस कालोनी में भवन को प्राधिकरण अवैध बता राह है, क्या वे एक ही दिन में बन गई। तीन-तीन मंजिले भवन, भूमिगत भवन को बनने में सालों लग जाते है। पहले तो प्राधिकरण के इंजीनियरों ने रिश्वत खा कर भवन खड़े कर दिए जब बाबा ने सख्ती दिखाई तो प्राधिकरण का दस्ता बुलडोजर लेकर निकल पड़ा। जनपद हापुड़ में हजारों भवन बिना मानचित्र के गए है जिनमें आवासीय व व्यवसायिक दोनों ही शामिल है।
योगी सरकार ने जब सख्ती दिखाई तो प्राधिकरण दल बुलडोजर लेकर अवैध कालोनियां गिराने निकल पड़ा। प्राधिकरण ने ऐसा जादुई चश्मा लगाया है कि एक ही दिन में जनपद भर की अवैध कालोनियों का पता चल गया और फिर निकल पड़े गिराने।
प्राधिकरण ने अनेक आवासीय व व्यवसायिक भवनों को भी सील किया है, जो पूरी तरह से अवैध बने थे अथवा मानकों के विपरित निर्माण हुआ है। प्राधिकरण के इंजीनियरों को पैसा दिए बगैर कोई व्यक्ति एक कमरे का निर्माण, बालकानी का निर्माण, लकड़ी के दरवाजे के स्थान पर शटर या लोहे अथवा स्टील का गेट नहीं लगा सकता तो फिर कई-कई मंजिल भवन का निर्माण कैसे सम्भव है। स्पष्ट है कि अवैध कालोनियों व भवनों के निर्माण में प्राधिकरण के रिश्वतखोर इंजीनियरों का हाथ है, इसलिए अवैध भवन निर्माण को प्रोत्साहन देने वाले भ्रष्ट इंजीनियरों के बंगलों पर छापामारी करके कार्रवाई होनी चाहिए।
मजे की बात तो यह है कि जब भूमिगत से लेकर 3-4 मंजिले भवन बनकर तैयार हो जाते हैं, तब प्राधिकरण को नोटिस देने, मामले को कम्पाउंड करने की याद आती है।
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