हापुड़, सत्य प्रकाश सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ जनपद व आस-पास के इलाकों में पशु चर्बी से मिश्रित देशी घी का कारोबार धड़ल्ले से होता है,इसका खुलासा हापुड़ पुलिस कई बार कर चुकी है। हाल ही में पुलिस ने चर्बी माफिया खालिद को गिरफ्तार कर पूरे मामले से पर्दा उठा दिया है।
कौन है खालिद-कोटला मेवातियान हापुड़ के साबिर का बेटा खालिद है,जो लम्बे अर्से से चर्बी का धंधा करता है। वह यह चर्बी पशुवध ठिकानों से खरीद कर एकत्र करता है। चर्बी के अवैध भंडारण के ठिकाने बुलंदशहर रोड हापुड़ आवास विकास कालोनी में है। वह थोड़ी बहुत चर्बी साबुन निर्माताओं को तथा भारी मात्रा में देशी घी निर्माताओं को बेचता है। कब-कहां और किसको कितनी चर्बी बेची का हिसाब भी उसके पास शून्य के समान है।
अथाह सम्पत्ति का मालिक-चर्बी का खेल खेलने में माहिर खालिद ने इस धंधे से भारी धन एकत्र किया है और अब वह चल-अचल अथाह सम्पत्ति का मालिक है। हापुड़ पुलिस उसकी सम्पत्ति को चिन्हित करने में लगी है। खालिद पर गैंगस्टर एक्ट लगते ही सरकार उसकी सम्पत्ति कुर्क कर सकती है।
नकली देशी घी में चर्बी की मिलावट- खालिद गिड़गिड़ा कर भले ही यह कहता रहा हो कि वह तो पशु चर्बी साबुन निर्माताओं को देता है,परंतु पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि वह चर्बी देशी घी वालों को बेचता था। खालिद के धंधे से खुलासे के बाद इस आशंका को बल मिला है कि धंधेबाज पशु चर्बी में कैमीकल मिलाकर देशी घी तैयार करते है।
पहले भी हो चुका है खुलासा-बात करीब दो दशक पुरानी है कि एक चैनल से स्टींग आपरेशन करके इस बात का खुलासा किया था कि हापुड़ में बिकने वाली पशु चर्बी और देशी घी में कोई अंतर दिखाई नहीं प्रतीत होता है।
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