
हापुड़, सीमन/संजय कश्यप (ehapurnews.com):उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने बुधवार को डीआईओएस कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन किया। जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से मुख्यमंत्री हापुड़ के नाम एक विज्ञापन सौंपा और विभिन्न मांगे उठाई। उन्होंने मांग की कि :
01-चयन बोर्ड अधिनियम की धारा 12, 18 व 21 की व्यवस्थाओं को यथावत् अधिनियमित रूप में माध्यमिक शिक्षा अधिनियम 1921 में समाहित किया जाय साथ ही विद्यालय व छात्र हित में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग 2023 विधेयक की धारा 11 (6) को विलुप्त किया जाय।
02-शिक्षक समुदाय का निश्चित मत है कि एन.पी.एस. अर्थात नई पेंशन योजना शिक्षक की वृद्धावस्था में उसी जीवन स्तर के साथ जीवन यापन करने योग्य नहीं है, जिस जीवन स्तर पर शिक्षक सेवा निवृत्त हो रहा है। पुरानी पेंशन ही वृद्धावस्था का समुचित जीवन स्तर बनाये रखने का माध्यम है। वही पुरानी पेंशन सरकार बहाल करे।
03- राजकीय शिक्षकों की भाँति सहायिक माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी निःशुल्क चिकित्सा सुविधा अनुमन्य की जाय।
04-दिनांक 09 नवम्बर, 2023 के शासनादेश द्वारा तदर्थ शिक्षकों की सेवाये समाप्त कर दी गयीं है, ऐसे सभी तदर्थ शिक्षकों को विनियमित करते हुए उनकी सेवायें बहाल की जाँय।
05-वित्त विहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतनमान के सिद्धान्त पर वेतन एवं सेवा शर्तें लागू की जॉय।
06-ऑफलाइन स्थानान्तरण सत्र 2025 की सूची तत्काल निर्गत की जाय।
07-7वाँ वेतन आयोग दिनांक 01 जनवरी, 2016 से प्रभावी हुआ था। 8वाँ वेतन आयोग 01 जनवरी, 2026 से देय होता है। अतः 8वाँ वेतन आयोग का गठन शीघ्र किया जाय।
08-एन.पी.एस. से आच्छादित ऐसे शिक्षक एवं कर्मचारी जो निष्ठापूर्वक राष्ट्र निर्माता के दायित्व का निर्वहन करते हुए सेवा निवृत्त हो चुके हैं उन्हें सेवा निवृत्तिक देयकों का अद्यतन भुगतान नहीं किया गया है उनके सेवा निवृत्तिक लाभों का भुगतान अविलम्ब कराया जाय ।
09-एन.पी.एस. से आच्छादित शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन से की गयी प्रतिमाह कटौती एवं राज्य सरकार द्वारा दिये गये अंशदान के रख रखाव की कोई व्यवस्था व्यवहारिक रूप नहीं ले सकी है। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने हेतु कटौती की गयी धनराशि सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के प्रान नम्बर पर प्रदर्शित की जाय तथा सभी के पास बुक में उपरोक्त कटौती अंकित की जाय।
10-विद्यालयों में कार्यरत व्यवसायिक शिक्षकों को भी पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा देते हुए उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धान्त के आधार पर वेतन अनुमन्य किया जाय।
11-शिक्षकों के स्थानान्तरण नीति में आवश्यक संशोधन कर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाय कि शिक्षक अपनी सुविधानुरूप स्थान पर स्थानान्तरण प्राप्त कर सके।
12-प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 2000, 2001 तथा 2002 के विज्ञापन के आधार पर जिन शिक्षकों की विषय विशेषज्ञ के रूप में नियुक्ति की गयी तथा जिनका शिक्षक पदों पर आमेलन अधिसूचना संख्या 1521-79-वि0-01 (क)-42 दिनांक 11-12-2006 द्वारा कर दिया गया, ऐसे सभी विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को शासन की अधिसूचना दिनांक 28 जून, 2024 के शासनादेश के अनुसार पुरानी पेंशन से आच्छादित किया जाय।
13-ग्रेच्युटी की सीमा राज्य कर्मचारियों की भाँति 20 लाख रूपये से बढ़ाकर 25 लाख रूपये की जाय।
14-पेंशन की राशिकृत धनराशि की कटौती 10 वर्ष 08 माह के पश्चात बन्द की जाय।
15- न्यायालय के आदेशों के अनुरूप शिक्षक की 62 वर्ष की सेवा पर सेवा निवृत्ति की दशा में ही ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाय।
16-प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों का कोरोना काल में रोके गये मैंहगाई भत्ते के अवशेषों का भुगतान किया जाय।
17-वर्ष 2014 से बन्द सामूहिक बीगा को पुनः प्रारम्भ किया जाय।
18-ऐसे शिक्षक जो 22 मार्च, 2016 की अधिनियमित व्यवस्था के अन्र्तगत विनियमित हुए हैं, उन्हें नियुक्ति के दिनांक से पुरानी पेंशन अनुमन्य की जाय। इस सम्बन्ध में माननीय उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय ने भी कई प्रकरणों पर पूर्व की सेवा जोड़कर पेंशन स्वीकृत करने का निर्देश जारी किया है।
19-अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत कला, व्यायाम, भाषा, शिल्प, संगीत आदि शिक्षकों को भी चयन, प्रोन्नत वेतनमान का लाभ अनुमन्य किया जाय।
20-विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षक का पद सृजित करते हुए उस पर तत्काल नियुक्ति की जाय।
21-बोर्ड परीक्षाओं की पारिश्रमिक दरें सी०बी०एस०ई० के समान की जाँय।
22-अवशेष वेतन, मॅहगाई भत्ता, चयन, प्रोन्नत, पदोन्नति आदि से सम्बन्धित अवशेषों का भुगतान शीघ्र किया जाय।
23-वर्ष 1998 में शिक्षकों द्वारा अपनी न्यायोचित मॉगों के समर्थन में की गयी हड़ताल अवधि का कतिपय शिक्षकों का अवरूद्ध वेतन उनके अर्जित अवकाशों को समायोजित करते हुए भुगतान किया जाय।
24-माध्यमिक शिक्षा परिषद से सम्बन्धित बोर्ड परीक्षाओं एवं मूल्यांकन आदि लम्बित अवशेषों का भुगतान शीघ्र किया जाय।
25-शिक्षकों/कर्मचारियों को आयकर का फार्म 16 उपलब्ध कराने की व्यवस्था निःशुल्क सुनिश्चित की जाय
26-अल्प संख्यक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों की पूर्ति की जाय तथा इनमें कार्यरत शिक्षकों को भी स्थानान्तरण की सुविधा प्रदान की जाय।
27-सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत महिला शिक्षकों का उत्पीड़न बन्द किया जाय।
28-दिनांक 01 अप्रैल से 30 सितम्बर तक की अवधि में विद्यालय का शिक्षण कार्य अवधि मानवीय आधार पर पूर्व की भाँति 04 घंटे 35 मिनट पुनः निर्धारित किया जाय।
29-ग्रीष्मावकाश अवधि में यथासम्भव शिक्षक तथा छात्र/छात्राओं के लिए सरकार अथवा विभाग द्वारा किसी भी प्रकार का कोई कार्यक्रम निर्धारित न किया जाय।
30-माध्यमिक शिक्षा परिषद उ०प्र० प्रयागराज द्वारा प्रतिदिन शिक्षकों एवं छात्रों की पोर्टल के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश वापस लिया जाय।
31-विभागीय भ्रष्टाचार समाप्त किया जाय आदि आदि
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