हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जलभराव से परेशान, अधिकारियों की लापरवाही से खफा ग्रामीणों ने अब अपने घरों को बेचने का फैसला कर लिया है और पलायन को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों ने अपने घरों पर मकान बिकाऊ है के पोस्टर भी चिपका दिए हैं। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के बावजूद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। ऐसे में थक हार कर यह ग्रामीण अपने आशियाने को बेचने पर मजबूर हैं।
आपको बता दें कि यह पूरा प्रकरण जनपद हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव रसूलपुर बहलोलपुर की हरिजन बस्ती का है। तस्वीरों में आपको जो जलभराव नजर आ रहा है यह बारिश का नहीं बल्कि आम दिनों का है जहां हमेशा पानी भरा रहता है। बारिश के दिनों में तो हालात और भी ज्यादा खराब हो जाते हैं जिससे खफा ग्रामीणों ने पलायन का रास्ता चुना है। ग्रामीणों का कहना है कि पलायन की राह सरकारी विभागों के चक्कर काटने से आसान है। जरा सोचिए अपने घर में संजोई यादों को यह ग्रामीण छोड़ने के लिए तैयार हैं। आम दिनों में सड़कों पर करीब दो फीट तक पानी भर जाता है जिससे तंग आकर कई बार ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है लेकिन अभी तक किसी ने उनकी सुध नहीं ली है।
ग्रामीणों की सिर्फ यही मांग है कि उन्हें जलभराव की समस्या से छुटकारा दिलाया जाए। लगभग 20 वर्षों से वह जलभराव की परेशानी से गुजर रहे हैं। आलम यह है कि 24 घंटे उन्हें बीमारियों के बीच रहना पड़ता है। कई ग्राम प्रधान आए और चले गए, अधिकारी आए और चले गए लेकिन रसूलपुर बहलोलपुर की हरिजन बस्ती के रहने वाले लोगों की परेशानी आज भी बरकरार है। बता दें कि तीन जनवरी को मोहल्लेवासियों ने कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर प्रदर्शन भी किया था और अधिकारियों का ध्यान जलभराव की ओर खींचा था लेकिन किसी ने उनकी सुध अभी तक नहीं ली है जिसकी वजह से स्थानीय लोगों ने घरों के बाहर मकान बिकाऊ है के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। इस दौरान रामवीर, हेमलता, राजपाल सिंह आदि ने प्रदर्शन किया।
































