
जनपद हापुड़ पहुंचा शहीद सैनिक रिंखिल बालियान का पार्थिव शरीर
हापुड़, सीमन/ अमित कुमार (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ के हाफिजपुर क्षेत्र के के गांव भटेल निवासी सैनिक रिंखिल बालियान जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को हुए सड़क हादसे के दौरान शहीद हो गए जिनका पार्थिव शरीर शनिवार को गांव भटेल पहुंचा। सैनिक रिंखिल बालियान के पार्थिव शरीर के दर्शन करने के लिए सिर्फ गांव भटेल ही नहीं बल्कि जनपद हापुड़ के विभिन्न क्षेत्रों से लोग पहुंचे और उनके अंतिम दर्शन किए। बलिदानी के परिजनों को सांत्वना देने वालों का तांता लग गया। पूरे गांव में मातम पसर गया। रात भर परिजनों की सिसकियां गांव में गूंजती रही। शनिवार को बलिदानी रिंखिल के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार होगा।
वीर सपूत रिंखिल बालियान वर्ष 2016 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे जो एक अनुशासित, कर्तव्यनिष्ट और साहसी सैनिक के रूप में जाने जाते थे। फिलहाल उनकी तैनाती जम्मू कश्मीर के डोडा जनपद में 72 आर्म्ड रेजीमेंट में थी। वह एक ऑपरेशन के लिए अपने अन्य साथियों के साथ सवार होकर बुलेट प्रूफ ट्रक में जा रहे थे। जैसे ही बुलेटप्रूफ ट्रक भदरवाह-तंबा अंतर राज्यीय मार्ग पर पहुंचा तो वह अनियंत्रित होकर 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण हादसे में देश की सेवा करने वाले 10 जवान शहीद हो गए जबकि 11 गंभीर रूप से घायल हो गए। इन जवानों में जनपद हापुड़ का बेटा रिंखिल बालियान भी शामिल था।
वीर सपूत के शहादत की सूचना जैसे ही परिजनों को लगी तो उनकी आंखें नम हो गई। रिंखिल की मां मंजू देवी और पत्नी रिंकी के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। तभी अपनी मां के आंसू देख कर रिंखिल बालियान की ढाई साल की बेटी भी सुबक-सुबक कर रोने लगी। गांव में इस कदर मातम पसरा कि घरों में चूल्हा नहीं जला। गांव वाले रिंखिल के साहस की चर्चा करते रहे।
शुक्रवार को मौसम खराब होने के कारण रिंखिल का पार्थिव शरीर जनपद हापुड़ नहीं आ सका। शनिवार को रिंखिल का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव भटेल पहुंचा जहां उनके अंतिम दर्शन करने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा।
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