
उत्तम शोच धर्म का अर्थ पवित्रता और शुचिता- आचार्य रोहित जैन शास्त्री
हापुड, सीमन/सुरेश जैन(Ehapurnews.com): पर्युषण दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन श्री 1008 आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कसेरठ बाजार पर जैन भक्तो को प्रवचन देते हुए जैन विद्धान रोहित जैन शास्त्री ने कहा कि उत्तम शोच धर्म का अर्थ शुचिता और पवित्रता से है। हमे बाहरी शुचिता, पवित्रता के साथ साथ आन्तरिक शुचिता और पवित्रता पर विशेष ध्यान देना चाहिए, हम मन,वचन,कर्म से पवित्र बने। भगवान को मनुष्य की आन्तरिक पवित्रता पसन्द है। प्रातःकाल प्रक्षाल शान्तिधारा के जैन साधको ने विधान पाठ मे बैठकर श्रद्धांपूर्वक पूजन किया। विधान पाठ को सगीतज्ञ विकास भारद्वाज के संगीत के साथ आचार्य रोहित जैन शास्त्री ने सम्पन्न कराया। समोशरण दिगम्बर जैन मंदिर शकंर गंज पर विधान पाठ को बुराड़ी, दिल्ली से पधारे जैन विद्धान आचार्य डी के जैन शास्त्री ने सम्पन्न कराया। पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पर आचार्य 108 नमोस्तु सागर जी महाराज के सानिध्य मे विधान पाठ सम्पन्न हुआ।
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