
श्रीमद्भागवत कथा में महारास एव रुक्मिणी विवाह की कथा सुन भावविभोर हुए श्रोता
-श्री राधे श्याम के जयकारों से गूंजा मंड़प
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): गंगा नगरी बृजघाट स्थित कृष्णा आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा व्यास श्री स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने महारास लीला एवं रुक्मणी विवाह की कथा का वर्णन किया कथा मे मुख्य सेवक-श्रीमती अर्चना सिंह, डॉ. नृपेन्द्र सिंह बुद्धि विहार,मुरादाबाद द्वारा व्यास पूजन किया कथाव्यास ने कहा कि महारास में पांच अध्याय है उनमें गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण है। कथा व्यास ने भगवान कृष्ण का मथुरा प्रस्थान,कंस का वध,महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, कालयवन का वध,उद्धव गोपी संवाद,उद्धव द्वारा गोपियों को अपना गुरु बनाना, द्वारका की स्थापना एवं रुक्मणी विवाह के प्रसंग का संगीतमय भावपूर्ण पाठ किया गया महारास में भगवान श्री कृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया महारास लीला द्वारा ही जीवात्मा परमात्मा का मिलन हुआ भगवान श्रीकृष्ण रुक्मणी के विवाह की झांकी ने सभी को खूब आनंदित किया श्रीकृष्ण-रुक्मणी की वरमाला पर जम कर फूलों की बरसात हुई कथा व्यास ने भागवत कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि जो भक्त प्रेमी कृष्ण रुक्मणी के विवाह उत्सव में शामिल होते हैं। उनकी वैवाहिक समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है कथा स्थल कथावाचक स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के आते ही राधे-राधे के नाम से मंड़प गूंज उठा उन्होंने कहा श्रीमदभागवत कथा हमें जीवन दृष्टि और दिशा प्रदान करती है मौके पर कपिल शर्मा, मनोज गोयल, महेश बंसल, राजेंद्र शर्मा, श्याम बंसल, त्रिनेत्र गोयल, श्याम सुंदर शर्मा, संजीव शर्मा, राकेश केवट, अमित मिश्रा, तरूण नागर, गोपाल ठाकुर,धननेजय पांडे, आदि लोग मौजूद रहे
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