हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : कार्तिक पूर्णिमा स्नान हेतु गढ़-गंगा मेले में आए करीब 35 लाख श्रद्धालु व व्यवसायी अब अपने घरों को लौट गए है और पूरा मेला स्थल वीरान नजर आ रहा है, परंतु ये श्रद्धालु मेला स्थल पर मल-मूत्र, गंदगी, कूड़ा व पोलीथिन, पानी की खाली बोतले व शराब की खाली बोतले पड़ी हुई छोड़ गए है और कहीं-कहीं कूड़े में ताश की गड्डियां भी पड़ी हुई नजर आ रही है। कूड़ा-करकट व गंदगी की सफाई जिला पंचायत हापुड़ के लिए एक चुनौती है।
जिला पंचायत हापुड़ की अगुवाई में गढ़मुक्तेश्वर के गंगा तट पर 12 दिवसीय गढ़-गंगा मेले का आयोजन किया गया। कार्तिक पूर्णिमा स्नान हेतु उत्तरी भारत के विभिन्न प्रांतों से करीब 35 लाख श्रद्धालु गढ़-गंगा मेले में पहुंचे, जो स्नान, दान के बाद अपने-अपने घरों को लौट गए, परंतु ये श्रद्धालु 10 कि.मी. क्षेत्र में फैले मेला स्थल पर टनों कूड़ा-करकट व गंदगी के ढेर छोड़ गए है।
अब पूरे मेला स्थल पर पोलीथीन, टूटी-फूटी क्राकरी, झूठन, प्लास्टिक व शराब की खाली बोतले, दोने पत्तल, धर्मोकोल क्राकरी, मल-मूत्र, कूड़े के ढेर ही नजर आ रहे है। झूठन, मल-मूत्र के कारण बदबू का साम्राज्य नजर आ रहा है और खुली हवा में सांस लेना भी दभर हो रहा है। गंगा तट को साफ-सुथरा रखने का दावा करने वाले सामाजिक संगठन भी नदारत है। नागरिकों की मांग है कि जिला पंचायत हापुड़ अभियान चला कर मेला स्थल की सफाई कराए, वरना संक्रामक रोग फैल सकता है।
हापुड़ में अब घर बैठे मंगवाए कुल्हड़ पिज़्ज़ा: 8979755041






























