हापुड़, सीमन(ehapurnews.com): सूपर क्लास,हापुड़’ के तत्वावधान में पुरी के गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य रहे और सनातन ‘’वैदिक गणित’’ के जनक स्वामी भारती कृष्णतीर्थ जी के 139 वें जन्मदिन को ‘’वैदिक गणित दिवस’’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर ‘’वैदिक गणित की सूपर क्लास’’ नाम से एक वेबिनार आयोजित की गई।
वेबिनार में क्लास की संयोजिका रश्मि मित्तल के निर्देशन में हापुड़ सहित आसपास के जनपदों के केंद्रीय, राजकीय, परिषदीय और प्राइवेट स्कूलों के कक्षा 6 से 10 तक के लगभग 100 बच्चों और 20 अध्यापकों ने पंजीकरण किया था लेकिन सुदूर के क्षेत्रों मे इंटरनेट की समस्या के कारण सभी मोबाइल सक्रिय नहीं रह सके लेकिन फिर भी एक एक मोबाइल पर कई कई विद्यार्थियों के जुड़ने के कारण वेबिनार में लगभग 80 विद्यार्थी और 10 अध्यापक/अध्यापिकाओं ने वैदिक गणित का लाभ उठाया।
वेबिनार के प्रारम्भ में क्लास संयोजिका रश्मि मित्तल ने स्वामी भारती कृष्णतीर्थ जी का जीवन परिचय देते हुए बताया कि उन्होंने अपने जीवन काल के 8 वर्षों की तपस्या में वैदिक गणित के 16 सूत्र और 13 उपसूत्रों की रचना की जिनका प्रयोग करके किसी भी स्तर का विद्यार्थी गणित की विभिन्न विधाओं की अनेक समस्याओं को बड़े ही सरल तरीके से कम समय में हल कर सकता है।
वेबिनार में विषय विशेषज्ञ के रूप में भौतिक प्रवक्ता और विज्ञानं संचारक अजय कुमार मित्तल ने बच्चों को वैदिक गणित के सूत्रों से परिचय कराते हुए कुछ संख्याएं लेकर उनके बीच ‘’एकाधिकेन पूर्वेन’’, ‘’एकाधिकेन न्यूनेन पूर्वेन’’ और ‘’अन्त्ययोरदशकेअपि’’ सूत्रों का प्रयोग समझाते हुए उन्हें संख्याओं का सीधा जोड़,घटा,और गुणा करना सिखाया। अजय मित्तल ने बच्चों को अंकों और संख्याओं के धन और ऋण चिह्नों की पहचान कराते हुए किसी धन संख्या के अंकों को ऋण ऐसा और ऋण संख्या के अंकों को धन अंकों में ‘’विनकुलम’’ क्रिया के माध्यम से समझाया जिसे जानकार सभी बच्चे बहुत ही रोमांचित दिखे। वेबिनार में बीच बीच में बच्चे हर सवाल को हल करने के चरणों का जवाब भी दे रहे थे जिसकी कि वेंडर में उपस्थित अध्यापकों ने सराहना की।
जनपद में ग्रामीण और पिछड़े बच्चों के बीच कई वर्षों से ‘सूपर क्लास’ चला रहे मित्तल युगल दंपत्ति ने बताया कि कोरोना के कारण इस क्लास का आयोजन नहीं हो पा रहा था इसलिए इस वेबिनार का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य बच्चों में वैदिक गणित के प्रति आकर्षण पैदा करना था जो इस अवसर पर बच्चों के उत्साह को देखते हुए सफल होते हुए भी दिखा।
भौतकविद अजय कुमार मित्तल ने आह्वान किया की कक्षा 3 से 10 तक वैदिक गणित को पाठ्यक्रम में अनिवार्यतः सम्मिलित किया जाना चाहिए जिससे कि बच्चों को गणित के प्रति भय और बोझ का अनुभव न हो।




























