
सुंधिया का वृंदावन एक अनूठा काव्य संग्रह
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): सुंधिया का वृंदावन एक ऐसा काव्य संग्रह है जिसे धरोहर के रूप में संभाल कर रखना और उसका अध्ययन करके अनुकरण करने की जरूरत है।
सुंधिया का वृंदावन का सृजन हापुड़ में नारी शक्ति की मिसाल प्रख्यात कवियत्री डॉक्टर पुष्पा रानी गर्ग ने किया है, जिसमें संग्रहित उनके द्वारा रचित कविताएं देश प्रेम, नारी सशक्तिकरण भाषा प्रेम, वात्सल्य, श्रृंगार, आध्यात्म तथा प्रकृति के प्रति प्रेम को दर्शाता है।
सुंधियों का वृंदावन की भूमिका देवनागरी कॉलेज गुलावठी (बुलंदशहर) के पूर्व प्राचार्य व साहित्यकार डॉक्टर देवकीनंदन शर्मा ने लिखी है जिसमें उन्होंने लिखा है कि समर्पित काव्य साधिका डॉ पुष्पा गर्ग सृजित प्रस्तुत संग्रह सुंधियों का वृंदावन जीवन और परिवेश की सारस्वत अनुगूंज है। अनर्गल आलाप-प्रलाप से दूर यह उपक्रमा पाठको से सार्थक संवाद भी करता है।
हिंदी साहित्य के सेवानिवृत प्रवक्ता व कवि प्रेम निर्मल ने कहा है की सुंधियों का वृंदावन काव्य संग्रह भाव पक्ष और कला पक्ष दोनों की दृष्टि से एक सशक्त काव्य संग्रह है।
सुधिया का वृंदावन की रचयिता डॉक्टर पुष्पा रानी गर्ग ने अपनी बात में कहा कि सुंधियों का वृंदावन मेरा प्रथम काव्य संग्रह है जिसे मैनें अंतर्मन की गहराइयों तक पहुंचकर आत्मसात करके सुंधिजनों तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
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