हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): इस वर्ष शनिश्चरी अमावस्या यानी शनि अमावस्या 21 जनवरी शनिवार के दिन है जिसके कारण इस अमावस्या का महत्व कई गुना बढ़ गया है। शनि मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी जिसके चलते भक्तों ने शुक्रवार को आस्था का परिचय देते हुए शनि मंदिर में सफाई की।
साल की सभी 12 अमावस्या में माघ मास की अमावस्या यानी मौनी अमावस्या सबसे शुभ मानी जाती है। इस वर्ष मोनी अमावस्या शनिवार के दिन पड़ रही है जिसके चलते यह शनि अमावस्या होगी।
ज्योतिष के अनुसार ढाई साल में राशि परिवर्तन करने वाले शनिदेव 30 साल बाद गोचर करके अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में पहुंचे हैं। मौनी अमावस्या के दिन शनि कुंभ राशि में रहेंगे। ऐसा संयोग 30 साल के बाद बना है। मौनी अमावस्या पर दान, पुन करने का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि शनि अमावस्या पर शनिदेव की पूजा-अर्चना करने से सभी कष्ट दूर होते हैं। ऐसे में हापुड़ के आर्य नगर निवासी मोहित गोयल ने हापुड़ के एक मंदिर में भगवान शनिदेव की प्रतिमा की साफ-सफाई की।
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