हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ मंडी में निरंतर टूट रहे आलू के भावों ने आढ़तियों व किसानों की कमर तोड़ दी है। आलू के दामों में इतनी भयंकर मंदी करीब दो दशक बाद आई है। आलू के दामों में भयंकर मंदी का कारण दिसावर की मंडियों से मांग शून्य रह जाने तथा नए आलू की आवकों में बम्फर वृद्धि होना बताया गया है। हापुड़ की मंडी में पुराना आलू थोक में 2-3 रुपए तथा नए आलू 10-12 रुपए प्रति किलो बिक रहा है।
प्रमुख आलू उत्पादक जगदीश प्रसाद आलू वाले बताते है कि हापुड़ की शीतगृहों में करीब डेढ़ लाख आलू के कट्टे शेष होने का अनुमान है जिसके भाव 100-200 रुपए प्रति 50 किलो तक बोला जा रहा है, जबकि शीतगृह का किराया 140-145 रुपए प्रति कट्टा है। किसान को आलू का किराया भी जेब से देना पड़ रहा है। आलू में इतनी भयंकर मंदी 20 साल बाद दूसरी बार देखने को मिली है। किसान को आलू फैंकना भी पड़ सकता है।
किसान बताते है कि पंजाब में आलू की पैदावार गत वर्षों के मुकाबले ज्यादा बता रहे है। पंजाब से नए आलू की आवकें लगातार बढ़ रही है जिससे भाव टूट कर 10-12 रुपए प्रति किलो रह गए। उत्तर प्रदेश में भी कहीं-कहीं आलू की खुदाई शुरु होने की खबरें है। नए आलू में भी मंदी का रुख बना है।
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