कवियों ने कविता से किया नये साल का स्वागत
हापुड, सीमन(ehapurnews.com): हिंदी साहित्य परिषद हापुड़ के तत्वावधान में नववर्ष की पूर्व संध्या पर ऑनलाइन एक काव्य- गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें रचनाकारों ने अपने अपने रंग में रंगकरअपनी रचनाओं से काव्य पाठ किया और खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि प्रेम निर्मल ने की और संचालन कवियत्री डॉ पुष्पा गर्ग ने किया एवं संयोजन गरिमा त्यागी ने किया।
सरस्वती वंदना के बाद कवि प्रेम निर्मल ने पढ़ा- नए वर्ष का देश में निकले सूर्य महान, जन मन के चेहरे खिले, खिले खेत खलियान। रक्तबीज सा कर रहा फिर कोरोना वार , है मां दुर्गे कहां हो करो दुष्ट संहार।।
डॉ कवियत्री पुष्पा गर्ग ने पढ़ा- नए वर्ष का देखिए यह कैसा आगाज। लगी ठिठुरने जिंदगी, जमने लगा समाज।।
कवित्री वर्षा गर्ग ने पढा- सूरज बाबा निकलइये कहां छुपे किस ओट। जाड़े में पहनाईयै हमें धूप के कोट । गरिमा त्यागी ने पढ़ा-
वर्ष पुराना देखिये गया बंधुवर बीत तेईस का स्वागत करें यही हमारी जीत।
कवि राम आसरे गोयल ने पढ़ा- घट भरा प्रेम का प्राण प्रिय, तुम इसे और रसमय कर दो
कवि अशोक गोयल ने अपनी बात इस तरह से कहीं- भर हृदय में खुशी भूल सारे ही गम, साल आया नया स्वागतम् स्वागतम्।
कवि राजेश मंगला पलवल से पढाक जीवन के इस चक्र से कौन भला अनजान। दो पल में किलकारियां दो पल में श्मशान। मोहनलाल तेज यान ने पढ़ा- भारत माता रो रही रोते हैं हालात ,देश धर्म कब देखते करें जात की बात। महावीर मधुर ने पढा -हो मुबारक सभी को अरे नया यह साल, नया -नया कुछ भी नहीं वही पुराना हाल। डॉ अनिल बाजपेई ने पढ़ा- दस्तक देती रही बहारें है जीवन हर पल स्वर्णिम हो।
फसीह चौधरी, मुशर्फ चौधरी, पूनम अग्रवाल, सुनीता बंसल, शहनवार नावेद, पं०शिव प्रकाश शर्मा आदि की रचनाएं भी सराहनीय थी। वरिष्ठ कवि प्रेमचंद निर्मल ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।
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