हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण द्वारा वसूली गई पेनल्टी 10.21 लाख को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने 6 फ़ीसदी ब्याज के साथ वापस लौटाने के आदेश दिए हैं. बता दें कि मामला मानचित्र स्वीकृत कराने में देरी से जुड़ा है.
दरअसल साल 2014 में गाजियाबाद के लोहिया नगर निवासी उद्यमी प्रशांक गुप्ता ने टेक्सटाइल सेंटर में एचपीडीए से 1815 वर्ग मीटर का प्लॉट लीज पर लिया था. एचपीडीए के तत्कालीन अफसरों का कहना था कि प्राधिकरण द्वारा निर्धारित समय के अंदर प्रशांक ने मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया. इसके बाद साल 2018 में 10.21 लाख की पेनल्टी वसूलते हुए मानचित्र स्वीकृत कर दिया.
पीड़ित के अधिवक्ता अजय सिंह तोमर ने बताया कि प्राधिकरण की 56 वीं बोर्ड बैठक में दो साल की अवधि को बढ़ाकर पांच वर्ष कर दिया गया था लेकिन प्राधिकरण के अधिकारियों ने उसकी एक न सुनी और पेनल्टी जमा करा ली. इसके बाद प्रशांक ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का दरवाजा खटखटाया जहां से एचपीडीए को जुर्माने की राशि व्याज समेत लौटाने के आदेश दिए.
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