हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : वृंदावन के संत प्रवर श्री लक्ष्मी नारायण महाराज शास्त्री जी ने रविवार को हापुड़ में कहा कि मानव को सदैव प्रभु का स्मरण करते रहना चाहिए। प्रभु स्मरण से ही मनुष्य कष्टों के भवसागर को पार कर सकता है। प्रभु सदैव अपने भक्तों की रक्षा करते है और कभी भी भक्त को भूखा नहीं सोने देते। प्रभु स्मरण व दीनदुखियों की सेवा करने से जो सुखद आनंद की अनुभूति होती है वह तो महलों में भी नहीं मिलती।
संत प्रवर श्री लक्ष्मी नारायण महाराज शास्त्री जी रविवार को चाहशोर में स्थित श्री बालाजी मंदिर परिसर में श्रीमदभागवत सप्ताहज्ञान यज्ञ महोत्सव के प्रथम दिन भक्तों को सम्बोधित कर रहे थे। कथा का समापन 24 अप्रैल को पूर्णाहुती के साथ सम्पन्न होगा। कथा प्रारम्भ होने से पूर्व महिलाओं ने नगर के प्रमुख मार्गों से कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा से पूर्व एक स्थान पर कलशों का विधिवत तरीके से पूजन किया गया। उसके बाद पीतवस्त्रधारी महिलाओं ने कलशों को अपने-अपने सिर पर धारण किया। संत प्रवर श्री लक्ष्मी नारायण महाराज शास्त्री जी की अगुवाई में कलश यात्रा धूमधाम के साथ बैंड-बाजों से निकाली गई। महिलाएं धार्मिक उदघोष करते हुए चल रही थी। महिलाओं ने कथा स्थल पर पहुंच कर कलशों को व्यास गद्दी के समक्ष स्थापित कर दिया। कथा प्रारंभ होने से पहले भाजपा किसान मोर्चा नेता राजेश वर्मा व अन्य श्रद्धालुओं ने संत प्रवर को माला पहनाकर स्वागत किया।
संत प्रवर ने श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि महिलाएं व पुरुष अधिक से अधिक कथा सुनने के लिए आएं जिस स्थान पर कथा होती है उस स्थान पर देवताओं का वास होता है। देवता भी कथा सुनने के लिए कथा स्थल पर पहुंचते है। संत प्रवर ने लोगों से असहाय लोगों की मदद करने तथा नेक कमाई का कुछ अंश दीन-दुखियों की सेवा पर खर्च करने का का आह्वान किया।

























