हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : नगर पालिका परिषद हापुड़ इलाके से बंदरों को पकड़ने का दावा कर नागरिकों को राहत दिलाने का दावा ठोक रही है, परंतु नगर की कालोनियों में बंदरों के झुंड देखकर पालिका का दावा झूठा व खोखला साबित हो रहा है।
परिषद ने दावा किया है कि एक अभियान के तहत हापुड़ के विभिन्न इलाकों से करीब एक हजार बंदर पकड़वाए गए हैं जिन पर पालिका ने प्रति बंदर आठ सौ रुपए खर्च किए गए है। यह कार्य नगर पालिका के स्वास्थय विभाग की देखरेख में किया गया है। यह अभियान चालू वित्त वर्ष में कब से कब तक किन-किन इलाकों में चलाया गया सूत्र यह जानकारी तो नहीं दे पाए, परंतु सूत्रों ने इस बात की पुख्ता पुष्टि की है कि पालिका ने बंदरों के पकड़ने पर करीब आठ लाख रुपए खर्च किए है।
इससे पूर्व भी नगर पालिका हर वर्ष बंदरों के पकड़ने पर इसी तरह लाखों रुपए खर्च कर चुकी है। सूत्रों की मानें तो परिषद का बंदरों को पकड़ने पर औसतन एक से डेढ़ लाख रुपए हर माह खर्च हो रहा है। उपभोक्ता परिषद हापुड़ के प्रतिनिधि लौकेश सिंघल ने आरोप लगाया है कि परिषद का स्वास्थय, निर्माण, प्रकाश, स्टोर आदि पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त है। उन्होंने प्रत्येक कार्य के भौतिक सत्यापन की मांग की है। इस सिलसिले में प्रदेश सरकार को पत्र लिखा है।
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