हापुड़, सीमन (ehapurnews.com ) : कथा वाचक श्री श्याम बिहारी जी महाराज ने मंगलार को श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत एक ऐसा ग्रंथ है जो मानव को बांटने का नहीं, प्रेम के साथ रहने, एक दूसरे की मदद करने का संदेश देते हैं।
कथा वाचक श्री श्याम बिहारी शरण जी महाराज श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन भक्तों को कथा का रसपान करा रहे थे। हापुड़ के धर्म प्रेमियो ने इस कथा का आयोजन किया है, जो 22 सितंबर तक चलेगी।
कथावाचक ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि अहंकार मानव को ले डूबता है और मनुष्य को अहंकार से दूर रहना चाहिए। इंद्र का अहंकार तोड़ने के लिए ही भगवान श्री कृष्ण ने गिरिराज पर्वत को अपनी अंगुली पर धारण किया और ब्रज वासियों की रक्षा की। अंत में इंद्र, भगवान श्री कृष्ण के शरणागत हुए। गोवर्धन पूजा और छप्पन भोग की परंपरा द्वापर काल से चली आ रही है, जो भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र का अहंकार भंग करने के बाद शुरू की। इस पर पूरा कथा स्थल श्री गिरिराज जी महाराज के उद्घोष से गूंज उठा। इस अवसर पर ज्वैलरी व्यवसायी राजेश वर्मा लल्लू, ओम प्रकाश शर्मा, प्रवीण अग्रवाल, सुधीर शर्मा, दिनेश अग्रवाल आदि ने कथा वाचक का स्वागत किया।
























