हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): कोरोना महामारी के दौरान बीमारी को परास्त करने में मददगार दवाईयों की मांग में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों की रफ्तार थमने से दवाओं की मांग में बेहद कमी आई है जिसके चलते विक्रेताओं की चिंता काफी बढ़ गई है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए विक्रेताओं ने काफी मात्रा में दवा आदि दुकान में रखी थी लेकिन मांग एक दम गिरने से दवाओं और सर्जिकल आइटम का स्टॉक मार्केट में फंस गया है जिसे लेकर केमिस्ट एंड ड्रग्गिस्ट एसोसिएशन हापुड़ ने सोमवार को एक बैठक की।
बैठक में बताया गया कि यह मांग घटकर 15 प्रतिशत रह गयी है और स्टॉक मार्किट में फंस गया है। जनपद के दवा विक्रेताओं ने कोरोना संक्रमित मरीज़ो को ध्यान में रखते हुए अपनी दवाओं की मांग जारी रखी और दवाओं का भरपूर स्टॉक जिले में मंगवा लिया। अब जब कोरोना संक्रमण के मामले घटने लगे तो ऐसे समय में दवा विक्रेताओं के सामने संकट खड़ा हो गया है। मांग घटने से दवाओं और सर्जिकल सामानों का करोड़ों रुपये का स्टॉक दवा की दुकानों पर फंस गया है जिसे कंपनियों ने वापस लेने से मना कर दिया हैं।
इन दवाओं में आयी गिरावट:
पेरासिटामोल………..90 प्रतिशत
एजिथ्रोमाईसीन………90 प्रतिशत
जिंक………..………….90 प्रतिशत
विटामिन सी……………80 प्रतिशत
आयवरमेक्टिन………….95 प्रतिशत
सर्जिकल मास्क…………75 प्रतिशत
सैनिटाइजर………………80 प्रतिशत
थर्मामीटर………………..90 प्रतिशत
“दवाईंया, मास्क, सैनिटाइजर और सर्जिकल आइटम की मांग में काफी कमी आ गयी हैं। जिले में दवाओं का जरूरत से ज्यादा स्टॉक उपलब्ध है। कंपनियों द्वारा दवाइयां वापस ना लेने की वजह से दवा विक्रेता असमंजस की स्थिति में हैं। बैठक में मांग उठी कि सरकार दवा वापसी के लिए कंपनियों को निर्देशित करे।





























