हापुड़,सीमन (ehapurnews.com): हिंदी साहित्य परिषद हापुड़ के तत्वावधान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भूतपूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती की पूर्व संध्या पर श्री महावीर दल भवन में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया । जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ कांग्रेस नेता
सत्यनारायण अग्रवाल ने की तथा मंच संचालन कवियत्री डॉ पुष्पा गर्ग ने किया ।
काव्य गोष्ठी के अध्यक्ष ने सरस्वती मां की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन करके शुभारंभ किया गया।
काव्य गोष्ठी में वरिष्ठ कवि प्रेम निर्मल ने देश में बढ़ती हुई महंगाई पर प्रहार करते हुए पढ़ा– बापू तेरे देश में, महंगाई विकराल।
लगता तेली देश का, देगा तेल निकाल।।
निर्मल खुशबू लापता, गंद लाए जलजात।
पानी बदलो ताल का, तब तो है कुछ बात।।
कवियत्री डॉ पुष्पा गर्ग ने पढ़ा —
हे जगदंबिके हे चामुंडे, सबके तुम भंडार भरो।
भक्तों के कष्ट मिटाने वाली, विघ्न धरा के सभी हरो।’
पलवल के कवि डॉ राजेश मंगला ‘पार्थ’ ने काव्य के माध्यम से अपनी बात कुछ इस तरह से कहीं– अध्यापक अंधा हुआ, बालक बहरे ‘पार्थ’। एक ना कुछ देखता, एक न सुनता बात।
हिंदी साहित्य परिषद के अध्यक्ष राम आसरे गोयल ने बहुत ही सुंदर ढंग से काव्य पाठ किया -जीवन के संघर्षों पर,कौन नियंत्रण कर पाया। नियति चक्र बदला किसने, किससे भला कब रुक पाया
।। हिंदी साहित्य परिषद संस्था के संरक्षक महावीर वर्मा मधुर ने रिश्तो पर व्यंग कसते हुए कहा–पुराने रिश्ते निभाओ तो नए टूट जाते हैं, गैरों को मनाओ तो अपने रूठ जाते हैं।।
हिंदी साहित्य परिषद की सदस्या गरिमा त्यागी ने अपनी बात कुछ इस तरह से कहीं कुछ पल आए थे खुशियों के कुछ गम के भी होंगे, कुछ दमघुटन की मजबूरी कुछ आंसू के छींटे होंगे।
मोहनलाल तेजा ने अपनी बात कुछ इस तरह से कहीं- बाहर से कुछ और हैं अंदर से कुछ और
मोहन इस संसार में कैसा आया दौर।।
सुनीता स्वामी ,मनीषा गुप्ता ,शहनवार नवेद ,पूनम अग्रवाल, कारी फर्जलुर रहमान आदि कवियों ने काव्य पाठ कर खूब तालियां बटोरी ।
काव्य गोष्ठी के पश्चात परिषद के पूर्व संरक्षक एवं स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय कैलाश चंद मित्तल, स्वर्गीय लाला जगदीश शरण जैन तथा स्वर्गीय प्रवेश कुमारी अग्रवाल की स्मृति में वरिष्ठ कवि प्रेम निर्मल एवं कवियत्री पूनम अग्रवाल वह कारी शायर कारी फर्जलुरहमान को उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित भी किया गया।
अंत में कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सत्यनारायण अग्रवाल ने सभी संभ्रांत महानुभावों का अभिवादन करते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं श्री लाल बहादुर शास्त्री जी के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी।
अध्यक्ष ने सभी की उपस्थिति के लिए कवि बंधुओं को एवं संभ्रांत व्यक्तियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
































