गेहूं की खपत व आपूर्ति में बढ़े अंतर से तेजी को बल मिला
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): गेहूं के दामों में गत 6 माह में आई एक हजार रुपए कुंतल की तेजी ने लोगों के होश उड़ा दिए है। गेहूं का सरकारी समर्थन मूल्य 2125 रुपए था और खुलेबाजार में गेहूं का तेजी का ग्राफ बढ़ते हुए 3250 रुपए प्रति क्विंटल तक जा पहुंचा। हापुड़ मंडी में शुक्रवार को सरकारी दबाव के चलते हुए गेहूं का भाव 2950 रुपए रह गया। हापुड़ में अभी भी मजबूत हाथों में गेहूं का स्टाक है।
गेहूं की सरकारी खरीद के दौरान गेहूं का भाव सरकारी समर्थन मूल्य से 100-200 रुपए प्रति कुंतल तेज रहा, परंतु तेजी की आशंका के चलते हुए खुले बाजार में स्टाकिस्ट हावी रहा और अकेले हापुड़ मंडी में गेहूं का स्टाक एक लाख बोरी से अधिक तक पहुंच गया।
आटा मिल, आटा चक्कियों, बिस्कुट व ब्रेड निर्माता, सूजी व मैदा वालों की निरंतर मांग ने गेहूं में तेजी को आग लगा दी और हापुड़ मंडी में 3250 रुपए प्रति कुंतल गेहूं का दाम बोला गया। दिसावर की मंडियों से भी तेजी की खबर आने पर तेजी को और बल मिला। गेहूं के भारी स्टाक मजबूत हाथों में होने से गेहूं की मांग औऱ आपूर्ति में अंतर बढ़ता ही चला गया औऱ गेहूं के भाव उछाला खा गए।
गेहूं व आटा के दामों में निरंतर तेजी पर केंद्र सरकार निगाह रखे हुए है और महंगाई को थामने के लिए सरकार ने खुले बाजार में 20 लाख टन गेहूं बेचने की घोषणा ने स्टाकिस्टों की नींद उड़ा दी है जिसका परिणाम यह हुआ है कि गेहूं के भाव दो दिन में टूटकर 2950 रुपए रह गए। हापुड़ मंडी में गेहूं का बिकवाल व लिवाल दोनों ही गायब है। आगामी गेहूं सत्र में उत्पादन व खपत में भारी अंतर रहने की सम्भावना व्यापारिक क्षेत्रों में बनी है।
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