
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जिलाधिकारी, हापुड़ के पत्र संख्या 1807 / एस०टी० – ए०डी०एम० – हापुड / 2025, दिनांक 30.08.2025 द्वारा उपलब्ध करायी गयी विस्तृत जांच आख्या के अनुसार श्री शेष नारायण दीक्षित, प्रभारी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, धौलाना अतिरिक्त प्रभार ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, हापुड़, जिला – हापुड़ के द्वारा अपने कार्यकाल में सहकारी गन्ना विकास समिति लि., हापुड़ के बैंक खातों के संचालन हेतु सचिव प्रभारी गन्ना समिति के साथ संयुक्त हस्ताक्षरी के रूप में पदीय कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने, प्रभावी पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण न करने, गन्ना मूल्य भुगतान की एडवाइस का सही मिलान न कर समिति के कार्मिकों के साथ मिलीभगत एवं सहभागिता रखने, विभागीय दिशा-निर्देशों के विपरीत कार्य करने एवं उच्चाधिकारी के आदेशों/निर्देशो की अवहेलना करने के कारण ही गन्ना समिति हापुड़ में अंकन रूपया 8,84,87,757.80 (आठ करोड़ चौरासी लाख सत्तासी हजार सात सौ सत्तावन रूपये अस्सी पैसे) का व्यपहरण हुआ, जिसके लिए श्री शेष नारायण दीक्षित प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये हैं। |उपरोक्तानुसार श्री शेष नारायण दीक्षित, प्रभारी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, धौलाना अतिरिक्त प्रभार हापुड़, जिला – हापुड़ के द्वारा उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के विपरीत कार्य करने एवं नियमावली में निहित प्रावधानों का उल्लघंन करने के आलोक में तत्काल प्रभाव से एतद्द्वारा निलम्बित करते हुए उप गन्ना आयुक्त, परिक्षेत्र अयोध्या के अधीन आबद्ध किया जाता है ।2. निलम्बन की अवधि में श्री शेष नारायण दीक्षित को वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड–2, भाग–2 से 4 के मूल नियम – 53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्धवेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी तथा उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि पर महंगाई भत्ता, यदि ऐसे अवकाश वेतन पर देय है, भी अनुमन्य होगा, किन्तु ऐसे अधिकारी / कर्मचारी को जीवन निर्वाह के साथ कोई महंगाई भत्ता देय नहीं होगा, जिन्हें निलम्बन के पूर्व प्राप्त वेतन के साथ मंहगाई भत्ता अथवा मंहगाई के उपान्तिक समायोजन प्राप्त नहीं था । निलम्बन के दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी निलम्बन की अवधि में इस शर्त पर देय होगें, जब इसका समाधान हो जाये कि उनके द्वारा उस मद में व्यय वास्तव में किया जा रहा है, जिसके लिए उक्त प्रतिकर भत्ते अनुमन्य हैं। उपर्युक्त उल्लिखित मदों का भुगतान तभी किया जायेगा, जबकि श्री शेष नारायण दीक्षित इस आशय का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेगें कि वह किसी अन्य सेवायोजन, व्यापारवृत्ति व्यवसाय में नहीं लगे हैं ।

































