हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : जनपद न्यायाधीस हापुड़ श्री बिजेंद्र मणि त्रिपाठी द्वार हत्या अभियुक्तों को दस-दस वर्ष सश्रम कारावास व 10-10 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया।
माननीय जनपद न्यायाधीश श्री बिजेंद्र मणि त्रिपाठी द्वारा जनपद न्यायालय में विचाराधीन मु.अ.स. 117 सन् 2015 दिनांकित 14 जून 1015 में गंगाशरण निवासी ग्राम इमटौरी थाना हाफिजपुर की हत्या में तथा उसके भाई रणवीर द्वार अपने भाई को बचाने के प्रयास में घायल होने पर अभियुक्तगण राजवीर व उसके भतीजे कुलदीप निवासी ग्राम इमटौरी को दोषी मानते हुए अभियुक्तगण राजवीर व कुलदीप को धारा 304/34 भा.द.स. में 10-10 वर्ष सश्रम कारावास व दस-दस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया तथा भ.धारा 324 भा.द.स. में एक-एक वर्ष सश्रम कारावास व 3-3 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौज.) कृष्णकांत गुप्ता ने न्यायालय में राज्य की और से पैरवी करते हुए समस्त साक्ष्यों के आधार पर अधिकतम सजा के लिए मान्य न्यायालय से अनुरोध किया। जिस पर न्यायालय द्वारा खुले न्यायालय में उपरोक्त अभिगण को सजा सुनाई गई।
कृष्ण कांत गुप्ता, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौज.) ने घटमना के सम्बंध में प्रकाश डालते हुए बताया कि 14 जून 2015 को लगभग सायं 7.30 बजे गंगाशरण अपने भाई रणवीर के साथ राजवीर को उधार दिए 20 हजार रुपे मांगने गया था। राजवीर (अभि.) अपने घर के पास ही बर्फ का ठेला लगाए हुए खड़ा था उसके पास ही उसका भतीजा अभि. कुलदीप भी मौजूद था। मृतक गंगाशरण द्वारा राजवीर से अपने उधार रुपए वापिस मांगने की बात पर उत्तेजित होकर कुलदीप ने गंगाशरण (मृतक) के दोनों हाथ पकड़ लिए तथा राजवीर ने बर्फ तोड़ने के सुंए से गंगाशरण के सीने पर वार कर उसकी हत्या कर दी। अपने भाई को बचाने के प्रयास में रणवीर को इस घटना का चश्मदीद साक्षी/वादी को भी सुआ मारकर घायल कर दिया था। अभि. राजवीर गठना के बाद से ही पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल में निरुद्ध है। न्यायालय द्वारा अभिगणों को जेल में बिताई गई अवधि को समायोजित करते हुए कारावास भुगतना होगा
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