हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम ने दहेज हत्या के मामले में एक आरोपी को दोषी करार दिया और सात साल के कारावास की सजा सुनाते हुए 25 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया. हालांकि मामले में नामजद चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में न्यायाधीश ने दोषमुक्त कर दिया.
धौलाना थाना क्षेत्र के गांव निवासी महावीर सिंह ने 28 जनवरी साल 2011 को तहरीर दी की उसकी पुत्री नीरज की शादी धौलाना के गांव करीमपुर भाईपुर मिलक निवासी डब्बू और नरेश के साथ हुई थी. शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए दबाव बनाने लगे और उसकी बेटी को प्रताड़ित करने लगे. मांग पूरी ना होने पर आरोपितों ने 20 मार्च 2011 को नीरज को घर से बाहर निकाल दिया. किसी तरह परिजनों ने मामला शांत कराया और शाद के करीब तीन साल बाद नीरज ने एक बेटी को जन्म दिया. इसके बाद से ससुराल पक्ष के लोग लगातार प्रताड़ित करने लगे. 2016 में नीरज एक बार फिर गर्भवती हो गई. इसी बीच खर्चे को लेकर ससुराल पक्ष के लोगों में कहासुनी हो गई.
आठ अगस्त 2016 को नीरज की लाश फांसी के फंदे से लटकी मिली जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. मामले की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को न्यायाधीश राखी चौहान ने आरोपी पति डब्बू को दहेज हत्या का दोषी करार दिया.
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