हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : धार्मिक क्षेत्र की विभूति आचार्य राजीव कृष्ण भारद्वाज ने हापुड़ में कहा कि इस कलयुग में प्रभु भक्ति व सत्संग के सहारे ही भव सागर को पार किया जा सकता है। मानव के पुण्य कर्म ही उसे जीवन, में शक्ति व आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते है।
विद्वद्धाम नरवर के संत राजीव कृष्ण भारद्वाज जी हापुड़ डिलाईट टैंट वालों के आवास पर श्रीमद् भागवत कथा के दौरान अमृत की वर्षा कर रहे है। यह कथा रोजाना शाम चार बजे सायं 7 बजे तक 6 अगस्त तक चलेगी। कथा के यजमान डिलाईट टैंट हाऊस के मालिक रामौतार कंसल दम्पत्ति है।
कथा स्थल पर आचार्य राजीव कृष्ण भारद्वाज ने जैसे ही प्रवेश किया तो श्रद्धालुजनों ने खड़े होकर पुष्प वर्षा कर, संतानत धर्म की जय हो के उद्घोष से किया। संत प्रवर ने समाज में बढ़ रही कुसंगत के प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि संगत का मानव जीवन पर विशेष प्रभाव पड़ता है औऱ कुसंगत को सत्संग, भजन, प्रभु स्मरण से ही रोका जा सकता है। सत्संग तो मानव का कल्याण करता है।
संत प्रवर ने कहा कि प्रभु स्मरण व असहाय लोगों की मदद मे जो आनंद की अऩुभूति होती है, वह भौतिक संसाधनों से लैस स्थानों पर नहीं। प्रभु स्मरण व गरीबों की मदद से मिलने वाला आनंद स्थाई है। उन्होंने परिवारों के विघटन तथा बढ़ रहे मनमुटाव पर चिंता व्यक्त की और कहा यह सब नुकसान देह है और इस प्रवृति को रोकने के लिए सभी मिलजुल कर कार्य करें। इस मौके पर मनोज कंसल, संजय कंसल, राघवेंद्र गर्ग, दिनेश सिंघल, सत्यप्रकाश आचार वाले उपस्थित थे।

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