हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ समेत उत्तर प्रदेश के मेरठ और बुलंदशहर के एक-एक युवक को मध्य प्रदेश पुलिस ने मानव तस्वरी के आरोप में रंगेहाथों पकड़ा है जो कि बस में बच्चों को भरकर उत्तर प्रदेश ला रहे थे। बताया जा रहा है कि गन्नें के खेतों में काम कराने के लिए इनकी तस्करी की जा रही थी। इन्हें मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से लालच देकर उत्तर प्रदेश में बेचा जाता था। पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें से एक हापुड़ के असौड़ा का है। इस दौरान पुलिस ने 19 बच्चे और एक बस भी बरामद की है। गिरोह का एक सदस्य फरार है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस को मिली थी सूचना:
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की पुलिस को सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश के मेरठ और हापुड़ से मानव तस्करी करने वाला एक गिरोह शहडोल जिले में आया हुआ है जो कि गांवों में जाकर गरीब नाबालिग बच्चों को अपने एजेंट के माध्यम से इकट्ठा कर रहे हैं। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस के होश उड़ गए और उसने मामले से जुड़ी हर गतिविधि पर निगाह बनाए रखी। जब गिरोह बच्चों को लेकर रवाना हुआ तो पुलिस ने घेराबंदी कर जैसीनगर थाना क्षेत्र में आरोपियों को रंगेहाथों पकड़ लिया।
बस में एक बच्ची समेत मिले 19 बच्चे:
पुलिस ने उत्तर प्रदेश नंबर की एक बस को रोका तो उसमें 19 बच्चे मिले जिसमें से एक बच्ची थी जिन्हें बस में सीटों के नीचे छिपाकर उत्तर प्रदेश लाया जा रहा था। वहीं किसी को कोई शक न हो इसके लिए सीटों के ऊपर दूसरे मजदूर बैठे हुए थे।
हापुड़ का एजेंट शामिल:
मध्य प्रदेश पुलिस ने मामले में ती लोगों को गिरफ्तार किया है जिनके नाम ड्राइवर सोनू शर्मा, सूरज चंद और एजेंट शकील अहमद हैं। इसमें से एजेंट शकील अहमद हापुड़ के असौड़ा का है जिसकी उम्र 29 वर्ष है जबकि उसके दो साथियों के नाम बुलंदशहर निवासी 37 वर्षीय सोनू तथा 24 वर्षीय मेरठ निवासी सूरचंद्र है। मामले में चौथा आरोपी मेरठ के तेजगढ़ी का बस मालिक सोनू कुमार पिता बुद्ध प्रकाश अभी फरार है जिसकी पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है।
मानव तस्करी और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज:
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने धारा 363 (अपहरण), धारा 370 ( मानव तस्करी – दास के रूप में किसी व्यक्ति को खरीदना या बेचना) व अन्य संबद्ध धाराओं में गिरफ्तार कर आरोपियों को जेल भेज दिया है।
बच्चों को देते थे लालच:
यह गिरोह मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में उन परिवारों को टारगेट बनाता था जो कि आर्थिक रुप से कमजोर हैं। इन बच्चों को ये बेहतर ज़िंदगी का लालच देकर यूपी में मजदूरी के लिए लाते थे।
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