
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ नगर पालिका परिषद द्वारा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र को अधिकारियों ने निरस्त कर दिया था। ऐसे में लोगों ने इन लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ जांच अभी भी जारी है। साथ ही इन आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटकी हुई है जो बेहद बेचैन है और यहां-वहां भागने को मजबूर हैं।
उत्तराखंड के कर्णप्रयाग के चमोली में स्वास्थ्य विभाग में तैनात रहे अरुण कुमार वर्मा के दो मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के मामले में हापुड़ नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्रा ने हापुड़ नगर पालिका द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया था। वहीं नगर पालिका के जिन जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है उनकी मुश्किलें भी बढ़ती जा रही है।
जनपद चमोली की चंद्रकला वर्मा ने बताया कि उनके पति अरुण कुमार वर्मा सरकारी अस्पताल में तैनात थे जिनकी मृत्यु वहीं पर ड्यूटी पर तैनाती के दौरान हुई थी। कर्णप्रयाग में ही अरुण कुमार का पोस्टमार्टम भी हुआ।
आरोप है कि एक महिला ने आरोपियों के साथ मिलकर नगर पालिका के अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा कर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर लिया। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने नगर पालिका के अधिकारियों समेत 14 पर मुकदमा पंजीकृत किया। ऐसे में अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्रा ने हापुड़ नगर पालिका परिषद द्वारा जारी फर्जी प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया था। हापुड़ कोतवाली पुलिस ने नगर पालिका परिषद हापुड़ के तत्कालीन रजिस्ट्रार जन्म मृत्यु मनोज कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक आवेश कुमार, तत्कालीन सफाई निरीक्षक राजकुमार, सफाई नायक राजीव, राजस्व निरीक्षक अमरपाल सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल गंगा प्रसाद पटेल समेत 14 पर मुकदमा दर्ज किया था जिनके के खिलाफ जांच अभी भी जारी है।






















