हापुड़ः आम व शीशम की लकड़ी का अवैध कारोबार पनपा
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ में आम व शीशम की लकड़ी का अवैध कारोबार पनप रहा है और धंधेबाज वन विभाग के मानकों की पूरी तरह धज्जियां उड़ा रहे है। अवैध धंधे में लिप्त कारोबारी सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ वन माफियों को पनाह दे रहे है।
बता दें कि लकड़ी के कारोबारियों के लिए व्यापार करने के लिए सरकार एक मानक तय किए है औऱ उस पर नजर रखने के लिए वन विभाग को जिम्मेदारी दी गई है, परंतु मानक के विपरीत व्यापारी के ठिकाने पर आम व शीशम की लकड़ी का भंडारण व खरीद-बेच की जा रही है और आढ़त वसूली कर कोई जीएसटी अदा नहीं किया जा रहा है। हापुड़ के वन विभाग की टीम ने अनेक बार आम की लकड़ी से लदे वाहन पक़ड़े है, जो जंगलों से हापुड़ बिक्री के लिए लाए जा रहे थे, परंतु वन टीम नें किसी भंडारण को चैक नहीं किया है।
जनपद हापुड़, मेरठ, बुलंदशङर, अमरोहा के क्षेत्रों मे चल रहे आम व शीशम की लकड़ी के कटान के बाद हापुड़ में बिक्री के लिए लाई जाती है। हापुड़ के जरौठी रोड इस अवैध कारोबार अड्डा बना है और आरा मशीनों व प्लाटों पर लकड़ी के अम्बार लगे रहते है। रोजाना रात को लकड़ी आती है और दिन निकलते ही बिक जाती है। एक-एक आरा मशीन पर क्षमता से अधिक लकड़ी का भंडारण है। आरा मशीन का मालिक कोई और है तथा संचालक कोई और। यानि कि स्पष्ट है कि हापुड़ में आरा मशीन ठेके पर चल रही है। पता चला है कि आरा मशीन का लाइसैंस धारक आरा मशीन संचालक से एक-एक लाख रुपए प्रति माह वसूल रहा है। इन आरा मशीनों पर विद्युत भार की भी चैकिंग होना जरुरी है।
एक ही दुकान से प्लास्टिक का सारा सामान होलसेल दाम पर खरीदें: 9359986878




























