हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : हापुड़ मंडी में आलू के दामों में भयंकर मंदी से आलू उत्पादक बेहद घबराहट में है। शीतगृहों में भंडारित आलू में किसान को करीब 500 रुपए प्रति बोरी (50 किलो) का नुकसान है, जबकि खुले बाजार में चिप सोना आलू 400-450 बोरी व अन्य किस्में 300 रुपए तक बिक रही है। हापुड़ में चार हैक्टेयर में करीब चार किसानों ने आलू बोया था।
फरवरी माह में यह हवाएं उड़ी थी कि इस बार सर्वाधिक आलू उत्पाद क्षेत्र उत्तर प्रदेश व बंगाल में आलू का उत्पादन कम है और आलू का रकबा कम है जिस कारण आलू का भाव भड़क कर 725-750 रुपए प्रति बोरी तक पहुंच गया और बड़ी मात्रा में आलू का भंडारण किया गया। आलू उत्पादन कम होने से शीत गृहों के खाली रह जाने की उम्मीद भी जताई जाने लगी जिस कारण बाहर से आए आलू से हापुड़ के 14 कोल्ड स्टोर फुल हो गए। हापुड़ में आलू भंडारण प्रति बोरी का किराया 150 रुपए है। अभी भी पर्याप्त मात्रा में आलू शीत गृहों से बाहर है। समय बीतने के साथ-साथ यह खबरें आने लगी कि आलू उत्पादक क्षेत्रों हापुड़ सहित सभी इलाकों में आलू का रकबा भी अधिक है और आलू उत्पादन भी अधिक है। जिससे आलू के भाव टूटने लगे। हापुड़ में आलू चिपसोना 400-450 रुपए प्रति बोरी (50 किलों) बिक रहा है और अन्य किस्में तो नीचे में 300 रुपए प्रति बोरी तक बिक रही है। मौजूदा समय में किसान को भंडारित आलू पर 500 रुपए बोरी का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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