हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): मोक्षदायिनी मां गंगा के जल की शुद्धता अक्टूबर माह में बढ़ी है जिससे गंगा का जल नहाने योग्य हो गया है। उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार गंगा का जल सितंबर के महीने में नहाने योग्य नहीं था और रिपोर्ट के अनुसार सितंबर में गंगा का जलस्तर सी श्रेणी में दर्ज किया गया जबकि अभी आई ताजा रिपोर्ट के अनुसार गंगा के जल की शुद्धता बढ़ी है जिससे गंगा के जल की श्रेणी अब बी केटेगरी में पहुंच गई है। इससे जल की गुणवत्ता नहाने योग्य पहुंच गई है। ब्रजघाट अपस्ट्रीम में डिसोल्व ऑक्सीजन डी ओ की मात्रा 9.5 मिलीग्राम प्रति लीटर और बायो ऑक्सीजन डिमांड बीओडी की मात्रा 1.5 मिली ग्राम प्रति लीटर मिली है जबकि टोटल कॉलीफॉर्म की मात्रा 430 और फीकल कोलीफॉर्म की मात्रा 280 एमपीएन प्रति 100 मिली है। रिपोर्ट के अनुसार गंगाजल डॉलफिन समेत अन्य जीवों के लिए भी अनुकूल है।
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