राशन के चावल की खपत के अड्डे हैं आटा यूनिटें
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ में करीब 50 आटा यूनिटें स्थापित हैं जिनमें से एक-दो यूनिट को छोड़ कर अन्य यूनिटों में राशन का चावल धड़ल्ले से पीसा जा रहा है। इस प्रकार तैयार आटा पेट के रोगों को जन्म दे रहा है।
राशन डिपुओं पर मुफ्त बटने वाला चावल शत-प्रतिशत खुले बाजार में 32 रुपए किलो बिक रहा है औऱ इसकी खरीद के ठिकाने पक्का बाग व भगवती गंज में खुलेआम संचालित हो रहे है। हापुड़ राशन के चावल की खपत की मंडी होने के कारण आस-पास के जनपदों मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, अमरोहा आदि से भी राशन का चावल हापुड़ पहुंच रहा है।
ऐसे पहुंचता है ठिकानों पर चावलः
राशन के चावल के धंधे से जुड़े बिचौलिए व ग्राहक छोटी-छोटी पोटलियों को मयूरी, साइकिल, रिक्शा आदि के माध्यम से पक्कबाग व भगवती गज के ठिकानों पर पहुंचाया जाता है। जबकि अन्य जनपदों से टाटा-407, आदि वाहनों के जरिए रात्रि में ठिकानों पर लाया जाता है। धंधेबजों के गोदाम राशन के चावल से भरे पड़े है। इन ठिकानों पर चावल को चलनों में छाना जाता है और मोटे व बड़े चावल को अलग कर 50 रुपए किलो में बेचा जाता है। चाव की किनकी को आटा यूनिटों को सप्लाई किया जाता है।
चावल यूनिटों पर खपतः
राशन के चावल की किनकी को आटा यूनिटें गेहूं के साथ पीसती है, ताकि आटा सफेद हो जाए और इस प्रकार तैयार आटा पैंक होकर खुले बाजार में बिक्री के लिए पहुंच जाता है। चिकित्सकों का कहना है क चावल मिक्स आटा की रोटी सफेद जरुर होती है परंतु स्वास्थ्य के लिए हानिकारण है, जो पेट रोगों को जन्म देती है।
ऐसे करे जांचः
यदि उपभोक्ता बाजार से खुला आटा खरीद कर लाएं है, तो इस्तेमाल से पहले उसे थोड़े से पानी में डाले और फिर देखें कि यदि आटे के कुछ अंश नीचे बैठ जाएं तो समझ लो, आटा मिलावटी है। आटा मिलावटी पाए जाने पर तुरंत खाद्य विभाग को सूचित करें। यह आटा केवल हापुड़ में ही नहीं बिकता। हापुड़ में तैयार आटा नोएडा व दिल्ली के पिछड़े इलाकों, मजदूर बस्तियों में धड़ल्ले से बिक रहा है।
प्रशासन करें छापामार कार्रवाईः
यदि हापुड़ प्रशासन, खाद्य विभाग चावल के गोदामों पर छापामार कार्रवाई करे, तो बड़े पैमाने पर राशन का चावल हाथ लगेगा।
एक फोन पर कराएं सीवर सैप्टिक टैंक की मशीन द्वारा सफाई: 9219695264

































