हापुड़, सीमन/पुलकित अग्रवाल (ehapurnews.com): उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2021 को मंजूरी दे चुकी है। इसी कड़ी में नगर पालिका परिषद हापुड़ ने बुधवार से एक अभियान शुरु किया है जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वाले, प्रतिबंधित पॉलिथीन का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका परिषद ने गुरुवार को कोठीगेट, बुलंदशहर रोड पर बाजारों में कार्रवाई करते हुए साढ़े सात किलो पॉलीथिन जब्त कर 11,800 रुपए का जुर्माना लगाया जबकि बुधवार को परिषद ने दिल्ली रोड पर स्थित डोमीनोज़ रेस्टोरेंट पर 25 हजार रुपए, एक अन्य रेस्टोरेंट व दो कैंटीन संचालकों पर शिकंजा कसते हुए 60 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। इस दौरान अधिशासी अधिकारी एसके गौतम, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक राजकुमार, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक वीरेंद्र सिंह तेवतिया, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक नीरज कुमार, वैक्सीनेटर विजय वर्मा, संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे। विभाग की कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मचा है।
दो दिन में लगाया 71,800 रुपए का जुर्माना:
मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक राजेश यादव के अनुसार दो दिन में पॉलीथिन इस्तेमाल करने वाले और दो अलग-अलग कूड़ेदान न रखने वालों पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए 71,800 रुपए का जुर्माना लगाया है। हापुड़ की दिल्ली रोड पर स्थित डोमीनोज रेस्टोरेंट पर 25 हजार रुपए, अन्य रेस्टोरेंट पर 25000, सिकंदर गेट पर निसामुद्दीन पर पांच हजार, मकसूद पर पांच हजार, इकबाल मेडिकल पर पांच हजार रुपए व अन्य पर नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया गया है। बुधवार को लगाए गए 60 हजार रुपए के जुर्माने में से 15 हजार रुपए की भरपाई की जा चुकी है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान:
मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक राजेश यादव ने बताया कि “उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी आदेशों का पालन कराने के लिए सफाई एवं खाद्य विभाग हर संभव कदम उठा रहा है। मेरठ मंडल आयुक्त सुरेंद्र सिंह के निर्देश पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रुल्स के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। शहर में खुले में कूड़ा फेंके जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थी। इसको लेकर पालिका टीम ने निरीक्षण किया। बुधवार से शुरु हुए इस अभियान के दौरान विभाग निष्पक्षता के साथ कार्य कर रहा है। किसी राजनैतिक दबाव में आए बिना विभाग अपनी टीम के सहयोग से ज़िम्मेदारी को बखूबी निभा रहा है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।”
जुर्माना न भरने पर होगा मुकदमा:
मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक राजेश यादव के अनुसार जो भी व्यक्ति, रेस्टोरेंट, फैक्ट्री, संस्था, फर्म, कंपनी आदि खुले में कूड़ा फेंकता हैं या कूड़ेदान का इस्तेमाल नहीं कर रहा है, प्रतिबंधित पॉलीथिन का इस्तेमाल कर रहा है। उसके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना लगाए जाने के तीन दिन के भीतर अगर पैसा जमा नहीं किया जाएगा तो उसकी आरसी काटकर कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
2016 में बना था एक्ट:
बता दें कि सरकार ने 2016 में यह एक्ट बनाया था लेकिन नियमावली न होने के कारण इसको प्रभावी तौर पर लागू नहीं किया जा सका था। दो सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश ठोस अपशिष्ट (प्रबंधन, संचालन एवं स्वच्छता) नियमावली-2021 को मंजूरी दी जा चुकी है गई। इसके तहत यूपी में जानबूझकर गंदगी फैलाने वालों पर नगर निगम और अन्य शहरी निकाय कार्रवाई कर रही है।
अलग करना होगा कूड़ा:
नियमावली के मुताबिक कूड़े को निकासी की जगह पर ही अलग-अलग करना होगा। सॉलिड वेस्ट को तीन श्रेणियों-जैविक (बायोडिग्रेडेबल), अजैविक (नॉन बायोडिग्रेडेबल) और घरेलू कूड़े में बांटा गया है। कूड़ा निकासी की जगह पर अलग-अलग कूड़ेदान में रखे जाएंगे।
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