हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : हापुड़ के मास्टर प्लान 2005 को लेकर मामला लगातार गर्माता जा रहा है. मास्टर प्लान को लेकर हापुड़ स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गुरुवार को एक बैठक की और मास्टर प्लान पर आपत्ति जताई.
मास्टर प्लान 2005 में तहसील चौराहे से लेकर दिल्ली रोड पर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय केनरा बैंक तक यह क्षेत्र आवासीय श्रेणी में दर्शाया गया है जबकि हापुड़ स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का कहना है कि यह क्षेत्र कमर्शियल है. इसका नगरपालिका और बिजली विभाग कमर्शियल रेट पर ही टैक्स लेता रहा है. एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि यहां काफी समय से व्यापारिक गतिविधियां चल रही हैं. ऐसे में उन्होंने मांग की है कि साल 2021 के मास्टर प्लान में यह क्षेत्र व्यवसायिक क्षेत्र दर्शाया जाए.
इस संबंध में एसोसिएशन ने एक आपत्ति पत्र एचपीडीए वीसी को भेजा है और क्षेत्र को कमर्शियल श्रेणी में दिखाने की मांग की है.
एसोसिएशन के सचिव अमन गुप्ता ने बताया कि एचपीडीए लगातार मनमानी कर रहा है. उसने मास्टर प्लान 2005 से कई फैक्ट्रियों को गायब कर दिया है. सचिव ने बताया कि स्वर्ग आश्रम रोड पर लगभग 100 फैक्ट्रियां, जरौठी रोड पर लगभग 50 फैक्ट्रियां, पटना मुरादपुर रोड पर लगभग 60 फैक्ट्रियां, गढ़ रोड पर बाबूगढ़ से लेकर सिंभावली तक लगभग 100 फैक्ट्रियां हैं, पिलखुवा में लगभग 100 फैक्ट्रियां, किठौर रोड पर लगभग 40 फैक्ट्रियां, असौड़ा रोड के आगे 50 फैक्ट्रियां, बुलंदशहर रोड पर विभिन्न क्षेत्रों में 100 फैक्ट्रियां, मोदीनगर रोड पर 70 फैक्ट्रियां, दिल्ली रोड पर अर्जुन नगर, अपनाघर कॉलोनी में भी लगभग 50 फैक्ट्रियां हैं जिनमें से अधिकांश फैक्ट्रियों को गायब कर दिया है. ऐसे में मास्टर प्लान 2021 में इन फैक्ट्रियों को दर्शाया जाए.
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