👁 0 views Views
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : पितृपक्ष सोमवार से भाद्र पक्ष पूर्णिमा से प्रारंभ हो गए जो अश्विन माह की पूर्णिमा तक रहेंगे इस दौरान पितृ अपने-अपने घरों होते हैं और तर्पण के माध्यम से तृप्त होते हैं। श्रद्धालुओं ने बृजघाट गंगा तट पर स्नान कर दान दिया।
पूर्णिमा से लेकर अमावस्या तक पितरों के श्राद्ध तिथिवार होते हैं और सभी ज्ञातअज्ञात पितरों का श्राद्ध अमावस्या को होता है। इस अमावस्या को पितृ विसर्जन अमावस्या भी कहते हैं। श्राद्ध के दौरान ब्राह्मणों को भोजन कराया जाता है और दान दक्षिणा देकर विदाई की जाती है। परिवारजन पूर्वजों का स्मरण कर उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं
बाजार से सस्ते दामों पर टाईल्स लेने के लिए कॉल करें: 9837824010


























