हापुड़, सीमन/निशांक शर्मा (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ डुप्लीकेट माल बनाने के मामले में लगातार प्रसिद्ध हो रहा है। अब औषधि विभाग ने एक और फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है जहां पर डुप्लीकेट दवाइयां तैयार की जा रही थी। पुलिस और औषधि प्रसाधन विभाग ने संयुक्त रुप से मसूरी-गुलावठी रोड पर स्थित धौलाना के औद्योगिक क्षेत्र में चल रही फैक्ट्री पर छापा मारा जहां से भारी मात्रा में दवाइयां तैयार करने का मैटेरियल बरामद किया है। यहां मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ के औषधि निरीक्षकों की टीम ने सोमवार की रात को छापा मारा और मंगलवार पूरे दिन कार्यवाही चलती रही। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में रात को काम होता था और दिन में बंद रहती थी। रात में कर्मचारी यहां आते थे और दवाइयों की सप्लाई मथुरा, बुलंदशहर, आगरा और आसपास के जनपदों में की जाती थी। विभाग जल्द ही कंपनी मालिक पर परमीत दस्तोई के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
मथुरा की फैक्ट्री के नाम पर बन रही थी नकली दवाई:
आपको बता दें कि जिस फैक्ट्री में छापा मारा गया वहां मथुरा के कोसीकलां औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक कंपनी के नाम पर डुप्लीकेट दवाई बनाई जा रही थी। सफिकिस्म प्रतिजैविक नाम से डुप्लीकेट दवाई बनाने के चलते अधिकारियों ने कार्रवाई की है फैक्ट्री पर कार्रवाई की।
कंपनी के अधिकारियों ने की शिकायत:
बता दें कि एवर टच ग्रुप कंपनी मथुरा के कोसीकलां के औद्योगिक क्षेत्र में दवाई बनाती है। कम्पनी के अधिकारियों को पता चला कि उनकी कंपनी के नाम पर बाजार में सफ़िकिस्म प्रतिजैविक एंटीबायोटिक दवाई बेची जा रही है। दवाइयों की डुप्लीकेट खेप बुलंदशहर के ग्रामीण अंचल में बेची जा रही है। कंपनी के अधिकारियों ने मामले की पड़ताल शुरू की और पता लगाया कि इन डुप्लीकेट दवाइयों का निर्माण औद्योगिक क्षेत्र की मसूरी-गुलावठी रोड पर गोमेज हेल्थकेयर में किया जा रहा है जिसके बाद कंपनी ने तुरंत पुलिस और औषधि विभाग को मामले की सूचना दी। मेरठ मंडल के औषधि निरीक्षकों की संयुक्त टीम धौलाना के मसूरी-गुलावठी रोड औद्योगिक क्षेत्र में पहुंची जहां गोमेज हेल्थकेयर केयर पर छापा मारा। हालांकि फैक्ट्री संचालक का कहना है कि उसके पास लाइसेंस है। वहीं विभाग कह रहा कि सिर्फ फूड सप्लीमेंट का ही लाइसेंस संचालक के पास है।
16 लाख का माल सील:
अधिकारियों ने देखा कि यहां बिना लाइसेंस ही एलोपैथिक दवाइयों का निर्माण किया जा रहा है। टीम ने पुलिस के सहयोग से छापा मारा और मौके से दवाइयों का पैकिंग मैटेरियल, कच्चा माल बरामद कर लिया और कंपनी के सभी उपकरण, दवाइयों के कच्चे माल को विभाग ने सील कर दिया। बताया जा रहा है कि इनकी कीमत लगभग 16 लाख रुपए है। विभाग ने तीन नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ लैब में भेज दिए हैं। बताया जा रहा है कि कंपनी में डुप्लीकेट दवाई एंटीबायोटिक सफिकिस्म का निर्माण किया जा रहा था जोकि इंफेक्शन के लिए इस्तेमाल होती है। ज्ञात हो कि इससे पहले भी लवकुश प्रसाद ने मेरठ मंडल के औषधि निरीक्षकों की संयुक्त टीम के साथ धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में छापा मारा था जहां से नकली दवाइयों की खेप बरामद की थी। धौलाना में की गई इस कार्रवाई से लग रहा है कि यह गोरखधंधा जमकर किया जा रहा।

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