
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): इलाहाबाद हाई कोर्ट ने न्यायिक आदेश की अनदेखी पर नाराजगी जाहिर करते हुए हापुड़ के जिलाधिकारी के खिलाफ कारण बताओं नोटिस जारी कर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही पूछा है कि उनके विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई क्यों ना शुरू की जाए? इसके साथ ही जिलाधिकारी के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार की एकल पीठ ने अब्बास की याचिका पर दिया है।
सरकारी गल्ले की दुकान फेयर प्राइस शॉप का लाइसेंस जिलाधिकारी के आदेश के बाद रद्द कर दिया गया था जिसके बाद याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी जिसके अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने दलील दी कि इससे पहले 28 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट ने जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) की ओर से याची के दुकान का लाइसेंस रद्द करने के आदेश को निरस्त कर दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि याची को सुनने के बाद ही नया आदेश पारित किया जाए लेकिन इसके बावजूद डीएम ने 16 जनवरी 2026 को एक नया आदेश जारी कर हाईकोर्ट की ओर से रद्द किए गए पुराने आदेश को प्रभावित कर दिया। कोर्ट ने सरकारी अधिवक्ता से पूछा कि किस कानून या प्रावधान के तहत डीएम ने जिला आपूर्ति अधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करते हुए लाइसेंस रद्द करने का अधिकार लिया। अदालत ने डीएम से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। साथ ही उनके आदेश को अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया है। सुनवाई के लिए 18 फरवरी 2026 की तिथि नियत की गई है।























