हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : गढ़मुक्तेश्वर का गंगातट दीपदान के कारण दीपों की जगमगाहट से जगमग हो उठा, ऐसा लाखों श्रद्धालुओं द्वारा गुरुवार को दिन छिपते ही अपने-अपने पूर्वजों की स्मृति में गंगा में दीपदान करने से उत्पन्न हुआ है। सम्भवतयाः यह पहला अवसर है जब इतनी बड़ी तादाद में अपने बुजुर्गो की स्मृति में दीपदान करने हेतु श्रद्धालु गंगातट पर पहुंचे है। ऐसा कोरोना काल में हुई मौतों के कारण हुआ है।
पौराणिक मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा से एक दिन पहले चतुर्दशी पर दिवंगत आत्माओं की आत्मा शांति के लिए दीपदान किया जाता है। गंगा तट पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने दीपदान करते हुए प्रभु से विनती की कि प्रभु उनके परिवार की दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में वास दें। श्रद्धालुओं ने दोने में मिठाई, फूल, तिल रख कर उसमें आटे के दीपक को देशी घी से जलाकर गंगा में प्रवाहित किया।
Raymond से खरीदें शादी के कपड़ें, 15% तक छूट, 8791513811
























