हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): संचारी रोग नियंत्रण अभियान का आगाज मंगलवार 19 अक्टूबर से होगा। इस अभियान को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सभी सहायक विकास अधिकारियों और पँचायत सचिवों को हिदायत दी है कि इस अभियान में किसी प्रकार की लापरवाही हुई तो करवाई की जाएगी। इस अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में संचारी रोगों के जोखिम को कम करने के लिए सभी ग्राम पंचायतों का माइक्रो प्लान बना हुआ है। माइक्रो प्लान यूनिसेफ व स्वास्थ्य विभाग की देख रेख में बना है। जिला पंचायत राज अधिकारी चाहते हैं कि माइक्रो प्लान पूरी तरह से ग्राम पंचायतों में धरातल पर उतरे। प्लान के आधार पर शतप्रतिशत कार्य ग्राम पंचायतों में हो। प्लान के अनुरूप कार्य न होने पर सचिवों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। सहायक विकास अधिकारी पँचायत की भी जिम्मेदारी तय की जायेगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम प्रधानों से अनुरोध किया है कि संचारी रोगों से ग्राम पंचायत को बचाने के लिए वे अभियान की अगुवाई करें और हर जोखिम की संभावना को कम करें। वातावरणीय परिवर्तन के कारण वायरल के मरीज के साथ साथ मच्छर जनित रोगों के मरीज मिल रहे हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी का मानना है कि अभियान ठीक से चले और लोग जागरूक हो जाएं तो निश्चित रूप से संचारी रोगों का जोखिम कम हो जाएगा। जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम प्रधानों से इस अभियान में लोगों की सहभागिता बढ़ाने का ही अनुरोध किया है। अभियान की सफलता के लिए जनता की भागीदारी बहुत जरूरी है। केवल सरकार के भरोसे अभियान को नही छोड़ा जा सकता।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि अभियान पर नजर रखने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। सहायक विकास अधिकारी पँचायत अपने विकास खण्ड में अभियान पर निगरानी रखेंगे और प्रति दिन अपनी रिपोर्ट देंगे। जिला स्तर से भी अभियान पर नजर रखी जायेगी। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की टीम को लगाया गया है। टीम प्रतिदिन रिपोर्ट लेगी। किसी ग्राम पंचायत का औचक निरीक्षण भी कर सकती है।
































