बच्चों ने अमृत सरोवरों का भ्रमण कर ग्रामीण भोजन खाया
हापुड, सीमन (ehapurnews.com): ग्रामीण क्षेत्रों में अमृत सरोवर, पंचायत सचिवालय लाईब्रेरी, पार्क, ओपन जिम एवं स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत ठोस तरल एवं अवशिष्ट प्रबन्धन (SLWM) आदि कार्य कराये गये है। ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण पर्यटन को बढावा दिये जाने के उद्देश्य से जनपद के दो ग्रामों में स्कूल के बच्चों का भ्रमण कराया गया।
विकास खण्ड हापुड़ के मोदीनगर रोड़ हापुड स्थित बेथिस्डा किश्चियन एकादमी के 56 बच्चे बस के माध्यम से ग्राम रघुनाथपुर में अमृत सरोवर पर पहुँचे जहाँ सतेन्द्र सिंह, खण्ड विकास अधिकारी हापुड़ द्वारा अपनी विकास खण्ड की टीम के साथ बच्चों का स्वागत किया गया। तदोरान्त अमृत सरोवर के विषय में जानकारी उपलब्ध करायी गयी। बच्चों को तालाब के चारो ओर घुमाते हुए इनलेट / आउटलेट, स्ट्रेक्चर आदि के संबंध में विस्तार से बताया गया एवं बच्चों को ग्रामीण कलाकारों के द्वारा कर्तब दिखाकर मनोरंजन कराया गया। ग्राम के संचालित स्वयं सहायता समूह की दीदीयों ने बच्चो के लिए शुद्ध भोजन जैसे साग, मक्के की रोटी, चावल-दाल, गाजर का हलुआ, गुड़, छाछ आदि तैयार किया गया जिसे बच्चों द्वारा बड़े प्रसन्न्ता से खाया गया। खाना खिलाने के बाद बच्चों को बाग का भ्रमण कराया गया एवं पेडों की उपयोगिता व पर्यावरण के संबंध में जानकारी दी गयी। बच्चों से पर्यावरण के संबंध में सवाल भी पूछे गये तथा सही जबाब देने वाले बच्चों को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गिफ्ट भी दिये गये। बच्चे पूरे कार्यक्रम से बहुत प्रसन्न दिखे और ग्रामणी क्षेत्र में भ्रमण कर लुफ्त उठाया गया। इसके लिए प्रधानाचार्य द्वारा मुख्य विकास अधिकारी एवं उनकी टीम को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बच्चों को सकुशल घर वापसी करायी गयी।
डी०एम० पब्लिक स्कूल गढ़मुक्तेश्वर के 50 छात्र – छात्राओं के द्वारा विकास खण्ड गढ़मुक्तेश्वर के ग्राम खिलवाई में भी भ्रमण कराया गया जिसमें विकास कुमार खण्ड विकास अधिकारी गढ़मुक्तेश्वर द्वारा विस्तारपूर्वक ग्रामीण पर्यटन के उददेश्य और इससे भविष्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को होने वाले लाभों के विषय में अवगत कराते हुए बताया गया कि इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आय की वृद्धि होगी अपितु रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। श्री वीरेन्द्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा पंचायती राज व्यवस्था और रेन वाटर हार्वेस्टिंग के विषय में विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी गयी।सुरेन्द्र सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी द्वारा रबी, जायद एवं खरीफ फसलों के बारे में विस्तार से बताया गया मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विद्यार्थियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बारे में समझाते हुए बताया गया कि मौलिक रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्राइमरी सेक्टर अर्थात कृषि और पशुपालन पर आधारित है किन्तु ग्रामीण पर्यटन जुड जाने से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और इससे गांव की आय में वृद्धि होगी।

























