
भाव श्रद्धां से नमोकार महामंत्र का जाप भक्त के जीवन मे निश्चय ही चमत्कार करता है-आचार्य नमोस्तु सागर
हापुड, सीमन/सुरेश जैन(Ehapurnews.com): दिगम्बर जैन मुनि आचार्य 108 नमोस्तु सागर जी महाराज ने शनिवार को नमोस्तु भवन पर जैन भक्तो को प्रवचन देते हुए कहा कि णमोकार महामंत्र मे 35 अक्षर 58 मात्राएं हैं संसार के सभी मंत्रो की उत्पति इसी महामंत्र से हुई है।भाव श्रद्धां से णमोकार महामंत्र का जाप भक्त के जीवन मे निश्चय ही चमत्कार करने वाला है 48 मिनट प्रतिदिन इसका जाप करे और स्वयं चमत्कार अनुभव करे। अंजन चोर का जन्म न तो जैन कुल मे हुआ था और न ही वह णमोकार महामंत्र के अर्थ, भाव से परिचित था फिर भी इसके जाप से उसके जीवने अदभुत चमत्कार हो गया,9 मिनट का आंख बंद कर कमर सीधी कर प्रतिदिन ध्यान कर अपने दिनभर के प्रत्येक कार्य का अनुभव करें।प्रातःकाल आचार्य नमोस्तु सागर जी ने नमोस्तु भवन पर चमत्कारिक अराधना और श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पर शान्तिधारा कराई। पर्युषण दशलक्षण महापर्व मे पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पर प्रातःकाल विधान पाठ तथा सायंकाल नमोस्तु भवन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होगें।गुरू भक्त सुधीर जैन टप्पू, अशोक जैन, हिमांशु जैन, सुधीर जैन टपिया, मनीष जैन, सुरेश चन्द जैन, तरूण जैन, सजींव जैन, राजेश जैन,पंकज जैन,मीनू जैन, रेखा जैन, मनीषा जैन, प्रगति जैन, नीता जैन आदि उपस्थित थे।
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