हापुड, सीमन (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ के थाना देहात पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आजीवन कारावास के दोषी की रिहाई के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में न्यायालय के आदेश पर तीन नामजद आरोपी सहित तहसील और ब्लॉक के कुछ अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों ने दोषी की उम्र 10 साल बढ़ाकर समय पूर्व रिहाई का प्रयास किया था।
दर्ज एफआईआर के अनुसार गांव सलाई के अनवर अली ने बताया कि 13 जुलाई 1983 को उसके दादा जरीफ अहमद की गांव के ही मुर्तजा, तशरीफ़, अकीदत, कलुआ, अनीश उर्फ़ शाह आलम, इरशाद आदि ने हत्या कर दी थी। मामले में न्यायालय ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जेल में बंद अली मुर्तजा की समय पूर्व रिहाई के लिए उसके पक्ष के लोगों ने वर्ष 2019 में फर्जी दस्तावेज तैयार कराए जिसमें अली मुर्तजा की उम्र 61 के स्थान पर 71 वर्ष दर्शायी। कुछ अधिकारियों की मिली भगत से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किया जिस पर पीड़ित ने आपत्ति जताई। इसके आधार पर न्यायालय में रिहाई प्रार्थना पत्र निरस्त किया गया और शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
































