प्रत्याशी को 30 दिन में चुनाव खर्च का विवरण देना जरुरी
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रत्येक प्रत्याशी को निर्वाचन के परिणाम घोषित होने के 30 दिन के अंदर अपने जिला निर्वाचन अधिकारी के पास अपने चुनाव संबंध में लेखे की सही प्रतिलिपि दाखिल करनी होगी। बिना किसी ठोस कारण के निर्धारित समय सीमा के अंदर निर्वाचन व्ययों का लेखा-जोखा दाखिल करने में असफल रहने पर संबंधित प्रत्याशी को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तीन वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम- 1951 की धारा-77 (1) के तहत लोकसभा या विधानसभा के प्रत्येक प्रत्याशी के लिए उसके नामांकन की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख तक उसके द्वारा किए गए सभी खर्च का पृथक-पृथक एवं सही लेखा रखना अनिवार्य होगा। निर्वाचन के दौरान प्रत्याशी द्वारा किया गया व्यय लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा-77 (3) के अधीन निर्धारित राशि से अधिक नहीं होना चाहिए।

वर्तमान में प्रदेश के प्रत्येक संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए निर्वाचन व्ययों की अधिकतम सीमा 95 लाख रुपये तथा प्रत्येक विधानसभा उप निर्वाचन क्षेत्र के लिए अधिकतम 40 लाख रुपये निर्धारित है। प्रत्याशियों द्वारा निर्वाचन में निर्धारित सीमा से अधिक व्यय किया जाना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि ऐसे प्रत्याशी को आयोग द्वारा तीन वर्ष के लिए अयोग्य किया जा सकता है।
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