
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जीएसटी काउसिंल द्वारा 56वीं मीटिंग में लाल ईंट निर्माताओं पर न तो टैक्स घटाया गया और न ही समाधान योजना का विकल्प दिया गया। जबकि सीमेण्ट पर जी.एस.टी. दर में 28% से 18% की कमी की गई। जिला हापुड़ ईंट निर्माता समिति ने बताया कि दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिली कि 12% का स्लैब जी.एस.टी. काउसिंल द्वारा समाप्त कर दिया गया है। परन्तु बड़े खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि जी.एस.टी. काउसिंल द्वारा एक तरफ 12% कर दर को समाप्त करने की घोषणा की गई है। परन्तु लाल ईंट निर्माताओं पर 12% का टैक्स रेट अभी भी लागू है।
संगठन के महामंत्री प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने ईंटों पर कर दर न घटाकर सीधे जनहित की अनदेखी कर जले पर नमक डालने का कार्य किया है। परन्तु सरकार ने हमारी पीड़ा को अनदेखा कर जीएसटी काउंसिल के माध्यम से ईंटों पर कर दर न घटाकर भारी कुठाराघात किया है। साथ ही यह भी कहा कि ईंटों पर कर दर में 06% व 12% का पुरजोर विरोध करते हैं। अध्यक्ष विजय कुमार गोयल ने जानकारी दी कि ईंट भट्ठा उद्योग एक सीजनल ग्रामीण कुटीर उद्योग है। जिसमें खेती किसानी से बचे समय में स्थानीय स्तर पर ग्रामवासी भट्ठे पर अधिक संख्या में रोजगार पाते है। जिससे शहरी पलायन भी रुकता है।
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