
बेसन में चावल की किनकी व कलर की मिलावट
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): यदि आप हापुड़ में बिकने वाले लोकल ब्रांड का बेसन खा रहे हैं तो सतर्क हो जाइए क्योंकि यह वास्तव में बेसन नहीं बल्कि घटिया मटर, चावल की किनकी व पीले रंग के अखाद्य रंगों का मिश्रण है जो विभिन्न नाम से आकर्षक पैक में बिक रहा है। यह बेसन तथा इस बेसन से तैयार चीला, पकोड़ा, सेमी, नमकीन आदि मनुष्य की किडनी व लीवर को क्षति पहुंचा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि जरौठी रोड पर पीर से थोड़ा आगे लाल रंग के एक भवन में मटर 40% व 60% चावल की किनकी तथा पीला रंग मिलाकर चक्की में पीस जा रहा है और आधा किलो, 1 किलो में पैक करके विभिन्न ब्रांड के नाम देकर बाजार में बेचने के लिए भेजा जाता है जो खुले बाजार में 80-100 रुपए प्रति किलो बेचा जा रहा है। मशहूर ब्रांड का उम्दा बेसन ₹120 रुपए किलो बिक रहा है।
मिलावटी व घटिया बेसन की बिक्री ग्रामीण इलाकों, कमजोर बस्तियों में अधिक बिक रहा है। चाट, पकौड़ी, चिला, बूंदी, घटिया सोन पपड़ी, निर्माता तथा नमकीन व सेमी निर्माता अधिक कर रहे हैं। नागरिकों ने मिलावटी बेसन की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।
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