
मिलावटी बेसन रोगों को दे रहा हैं न्यौता
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): यदि आप बेसन से निर्मित खाद्य पदार्थ खाने जा रहे हैं, तो थोड़ा रुकिए और फिर प्रकाशित खबर पर विचार करके ही आगे बढ़े।
बेसन से निर्मित बिकने वाला खाद्य पदार्थ यदि थोड़ा महंगा है, तो समझें कि शुध्दता की गारंटी है और यदि सस्ता है तो समझे गुणवत्ता में फेल है। आजकल राशन के चावल की किनकी 20 रुपए किलो सहज ही उपलब्ध है, वैसे तो चावल की किनकी की मिलावट अनेक खाद्य पदार्थो में हो रही है, परन्तु यहां हम बेसन का जिक्र करेंगे।
जनयद हापुड़ में इधर-उधर लगी बेसन की छोटी-छोटी यूनिटों में घटिया चने के साथ चावल की किनकी की पिसाई की जा रही है और इस प्रकार से तैयार मिलावटी-बेसन चाट पकौड़ी तथा अन्य खाद्य पदार्थ उत्पादकों को बेचा जा रहा है। चावल की किनकी से खाद्य पदार्थ पर कुरकुरा पन आ जाता है जिस कारण मिलावटी बेसन की मांग बढ़ रही है।
मिलावरी बेसन से तैयार खाद्य पदार्थ खाने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। किडनी व लिवर सूजन के केस बढ़ रहे है, पत्थरी पनपने की भी प्रबल आशा है खाद्य सुरक्षा विभाग को बेसन के प्रति सम्पलिंग अभियान चलाना चाहिए।
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