सोमवार को यहां पुलिस व प्रशासन लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के मूड में दिखाई दिया। पुलिस ने चंडी रोड, मिनाक्षी रोड, सत्तीवाड़ा तथा गोल मार्किट में बैरिकेट लगाकर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया।
हापुड़ जनपद प्रदेश के उन अत्यधिक संवेदनशील जिलों में शामिल है, जहां कोरोना के दस से अधिक मरीज मिले हैं और सूबे की सरकार हापुड़ में लॉकडाउन का सख्ती से पालन न किए जाने पर नाराजगी जाहिर कर चुकी है। हापुड़ में अब तक कोरोने के 18 मरीज मिल चुके हैं, जिनमें थाईलैंड का एक जमाती पूरी तरह स्वस्थ्य हो चुका है। जनपद हापुड़ में आठ हॉटस्पॉट क्षेत्र है, जो पूरी तरह से सील है।
सोमवार की सुबह जब लोग आवश्यक सामान की खरीदारी के लिए निकले तो यह देखकर लोग आश्चर्यचकित रह गए कि दाल, चावल, किराना व हरी सब्जियों की आपूर्ति करने वाला केंद्र चंडी रोड मार्किट पूरी तरह बैरिकैडिंग से कवर हैं। लोग पैदल ही मार्किट गए और आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी की। पुलिस ने डंडे के जोर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया।
नवीन मंडी स्थल से लेकर रेलवे स्टेशन तक हज़ार ठेले वाले सड़क किनारे खड़े होकर फल व सब्जी बेचते थे, आज पुलिस ने डंडे के बल पर उन्हें भी खदेड़ दिया।
हापुड़ के पक्का बाग चौपला का आज नजारा ही कुछ और था। हज़ारों की तादाद में वाहन इस चौपला से गुजर रहे थे, जिनमें ई-रिक्शा, बाइक, स्कूटर, छोटा हाथी, कारें, घोड़ा, तांगा, ऑटो आदि शामिल हैं, जिनमें सवारियां व सामान लदा था। इन वाहनों को सड़क पर दौड़ने की अनुमति किसने दी?
पक्काबाग चौपला, गोल मार्किट, पक्काबाग में बड़ी तादाद में ऐसी दुकानें खुली थी, जिन्हें दुकान खोलकर सामान बेचने की अनुमति नहीं है।
हापुड़ में लॉकडाउन का पालन कराने हेतु और कड़े कदम उठाने की ज़रुरत है, जब ही कोविड- 19 को परास्त किया जा सकता है।

























