हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : हापुड़ की इन्द्रलोक कालोनी में चल रहीं श्रीमदभागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस की कथा में महाराज दाऊदयाल ब्रजवासी जी ने श्री राम अवतार का वर्णन जाना जिसमें श्री राम जी की कथाओं का स्मरण कर बताया गया कि श्री राम मर्यादापुरुषोत्तम ने मर्यादा में रहकर सब कार्य किए। सुन्दर भाव में राम विवाह का वर्णन किया गया। जैसे ही श्री राम के वन जाने का वर्णन किया तो सभी भावुक हो गए।
इस दौरान राजा कंस के बारे में भी बताया और कहा कि जिसकी बहन देवकी का विवाह वासुदेव जी के साथ हुआ। उसके बाद एक आकाशवाणी हुई कि देवकी के गर्भ से जो आठवीं सन्तान होगी उससे (कंस) का वध होगा। राजा कंस ने वासुदेव और देवकी दोनों को बेड़ियों में बांधकर कारागार में डलवा दिया। उसके पश्चात् राजा कंस ने देवकी की सातों नवजात संतानो को मार दिया और उसके बाद आठवें गर्भ में स्वयं भगवान विष्णु आये और कृष्ण अवतार लेकर जन्मे। उनके जन्म लेते ही सब द्वार पाले सो गए और वासुदेव की बेड़ियां खुल गयी। इस अवसर पर श्री कृष्ण जन्म की भव्य झाँकी का आयोजन किया गया और भक्तों में खिलोने-फल बांटे गए। भक्तों ने नृत्य कर माहोल को भक्तिमय बना दिया।
इस मौके पर व्यवस्थापक पंडित देशराज, मोहन आचार्य, सुरेश चंद, बालकृष्ण, मुकेश गोयल, राजेश, अंकुर, विकास, गोकुल पंडित, रामानन्द, मयंक, सुनील, पूजा, रश्मि, प्रीति, सविता, सुमन, डोली, सोनिया, प्रेमलता, बाला देवी, पायल, कुसुम लता आदि भक्तगण उपस्थित रहे।



























