
जाति और धर्म के नाम पर देश को तोड़ने की साजिशः प्रमोद कृष्णम
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता संवर्धन विनियम-2026 को लेकर देश में पक्ष और विपक्ष के हो रहे प्रदर्शन और बयान बाजी पर कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बुधवार को हापुड़ में कहा कि भारत एक बड़ा लोकतंत्र देश है और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का सबको अधिकार है। भारत को और संगठित होने की जरूरत है। कुछ ताकते हैं जो देश को तोड़ना चाहती हैं। यह ताकतें जाति, धर्म, भाषा तथा क्षेत्र के नाम पर प्रयासरत है। देश में जातियों के नाम पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम गांव श्यामनगर में एक शोक सभा में शामिल होने आए थे। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष-2027 का चुनाव कुरुक्षेत्र का महाभारत होगा। शतरंज बिछाई जा रही है। कंधा शंकराचार्य का होगा और टारगेट सनातन होगा। वर्ष-2027 के चुनाव में विजय की होगी। इस समय राष्ट्रीय धर्म निभाने की जरूरत है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि संत सत्य के साथ रहता है। संत राष्ट्र के साथ रहता है। धर्म व राष्ट्र के लिए बड़े-बड़े बलिदान दिए हैं। राष्ट्र से बड़ा कोई धर्म नहीं है। इस वक्त राष्ट्र धर्म की जरूरत है।
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